
Rajasthan Assembly MLA Suspension: राजस्थान विधानसभा में पक्ष और विपक्ष की गतिरोध खत्म हो चुका है. सीएम भजनलाल शर्मा के साथ पक्ष और विपक्ष के विधायकों की बैठक हुई जिसके बाद गतिरोध खत्म करने की बात पर सहमति बनी. वहीं सीएम भजनलाल शर्मा ने अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को भी मनाया, क्योंकि उनके खिलाफ टिप्पणी से वह काफी आहत हुए थे. वहीं गतिरोध खत्म करने के साथ ही कांग्रेस के 6 विधायकों के निलंबन को बहाल कराने का प्रस्ताव पारित किया. इसके साथ ही सभी 6 विधायकों को फिर से बहाल कर लिया गया है. हालांकि वासुदेव देवनानी ने सदन के विधायकों को चेतावनी भी दी है.
कांग्रेस के इन 6 विधायक निलंबन हुआ निरस्त
-गोविंद सिंह डोटासरा
-रामकेश मीणा
-हाकम अली खान
-अमीन कागजी
-जाकिर हुसैन गैसावत
- संजय कुमार
वासुदेव देवनानी ने दी चेतावनी
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पिछले दिनों सदन में हुए हंगामे को लेकर कहा कि जो भी हुआ वह माफी लायक नहीं है. लेकिन सभी चाहते हैं कि सदन चले जिससे जनता का नुकसान न हो. उन्होंने कहा कि जिस तहर से सदन में टिप्पणी की गई वह इतिहास में काला अध्याय रहेगा. उन्होंने कहा कि सदन का चलाना केवल पक्ष ही नहीं विपक्ष की भी जिम्मेदारी है. मैं सभी की बात सुनता हूं और अलग से भी समय देता हूं. अगर किसी को कोई दिक्कत है तो अपनी बात रखे उस पर फैसला लिया जाएगा. लेकिन अब किसी तरह की गलत बात नहीं सुनी जाएगी.
वासुदेव देवनानी ने कहा कि जो टिप्पणियां हुई वह क्षमा योग्य नहीं है. लेकिन भविष्य में ऐसा न हो इसे सुनिश्चित करना होगा.
वासुदेव देवनानी ने कहा कि अब यह नियम लागू हो गया है कि अगर कोई भी विधायक सदन के पास भी आएगा तो उसका निलंबन स्वतः ही मान लिया जाएगा. इसके लिए किसी तरह के प्रस्ताव की भी जरूरत नहीं होगी. इसलिए अब नया प्रावधान लागू हो चुका है. देवनानी ने कहा कि मैं सभी विधायकों से कहना चाहता हूं कि आगे से किसी भी तरह की टिप्पणी का ध्यान रखें. जिससे सदन की गरिमा बनी रहे.
वासुदेव देवनानी ने कहा कि सभी गरिमा की बात करते हैं लेकिन ऐसा करते नहीं है. अध्यक्ष का पद सर्वोपरी है यह केवल कहने के लिए नहीं इससे मानना पड़ेगा.
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