वागड़ के दिग्गज नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने बड़े संकेत दिए हैं. लोकसभा चुनाव-2024 से पहले बीजेपी का दामन थामने वाले नेता फिर से कांग्रेस में जुड़ेंगे. इसका सीधा असर, वागड़ के निकाय चुनाव और स्थानीय राजनीति पर पड़ सकता है. राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा से मुलाकात कर उन्होंने कहा कि क्षेत्र के कार्यकर्ता और जनता कांग्रेस को स्वीकार करती है. आदिवासी क्षेत्र के भीतर कांग्रेस ही भाती है.
बीजेपी के डबल इंजन के नारे पर कसा तंज
साथ ही उन्होंने कहा, "मेरी इच्छा थी कि जो काम मैंने शुरू किए, वो अटके नहीं. बीजेपी का नारा था- डबल इंजन की सरकार है. लेकिन वो पार्टी मुझे रास नहीं आई." बीएपी के सवाल पर कहा कि विकास वही कर सकता है, जो सत्ता में होता है. आने वाले 100 साल में भी वे सत्ता में नहीं आ सकती है. वहां सरकार का साथ लेने की जरूरत है.
साढ़े 3 दशक से ज्यादा का सियासी अनुभव
महेंद्रजीत सिंह मालवीय वागड़ के प्रमुख आदिवासी चेहरा माने जाते हैं. उनके पास लंबा राजनीतिक अनुभव है. उन्होंने सरपंच से प्रधान, विधायक और सांसद के चुनाव तक का सफर तय किया है. दक्षिणी राजस्थान, खासकर बांसवाड़ा-डूंगरपुर में उनका मजबूत जनाधार है. करीब 35 साल से अधिक समय से वे कांग्रेस से जुड़े रहे. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थामा.
रोत से हारे थे चुनाव
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत NSUI से की. फिर युवा कांग्रेस में रहे. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 2 कार्यकाल में मंत्री भी बने. राजस्थान कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं. साल 2024 में बीजेपी ज्वॉइन करने के बाद चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें बीएपी नेता राजकुमार रोत ने चुनाव हराया.