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ब्यावर के लाल का कमाल, 18 की उम्र में बनाया पैसिव सोनार डिसेप्शन सिस्टम, दुश्मन के रडार होंगे फेल

Rajasthan News: राजस्थान के ब्यावर के 18 साल के आर्यन ने अपनी कंपनी 'कर्मयोद्धा टेक' के जरिए भारत का पहला पैसिव सोनार डिसेप्शन सिस्टम और फाइटर जेट्स के लिए ALCAS सिस्टम विकसित किया है. इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करा चुके आर्यन का यह नवाचार भारतीय सेना की ताकत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. पढ़िए सुमित सारस्वत की ये रिपोर्ट.

ब्यावर के लाल का कमाल, 18 की उम्र में बनाया पैसिव सोनार डिसेप्शन सिस्टम, दुश्मन के रडार होंगे फेल
आर्यन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' का सपना साकार करने के लिए राजस्थान के जिले ब्यावर के आर्यन ने महज 18 साल की उम्र में डिफेंस टैक्नोलॉजी में ऐसा गजब का कारनामा किया है, जिसे लेकर पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.  आर्यन ने अपनी कंपनी 'कर्मयोद्धा टेक' के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में दो अभूतपूर्व इनोवेशन किए हैं.

18 साल की उम्र में बनाए दो डिफेंस पेटेंट

महज 18 साल के आर्यन ने अपनी कंपनी कर्मयोद्धा टेक के माध्यम से भारत का पहला पैसिव सोनार डिसेप्शन सिस्टम और  फाइटर विमानों के लिए एलकस सिस्ट डेवलप किया है, जिसके लिए वह लगातार भारतीय वायुसेना और नौसेना अधिकारियों के साथ संपर्क में है. उन्होंने इन दोनों टेकनीक का पेटेंट भी करवाया हुआ है.

दुश्मन के सोनार को गच्चा देगा पैसिव सोनार डिसेप्शन सिस्टम

आर्यन का सबसे महत्वपूर्ण आविष्कार 'पैसिव सोनार डिसेप्शन सिस्टम' है. यह तकनीक भारतीय नौसेना के जहाजों और पनडुब्बियों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगी. यह समुद्र में दुश्मन के जहाज या पनडुब्बी की विशिष्ट ध्वनि तरंगों को पहचानता है और फिर नकली (नकली तरंगे) सिग्नल भेजकर दुश्मन के सोनार सिस्टम को भ्रमित कर देता है.

यह एक 'पैसिव' सिस्टम है, जिसका अर्थ है कि इसे लगातार हाई-लेवल साउंड जनरेट करने की जरूरत नहीं होती. यह कम ऊर्जा और स्पेशल साउंड फ्रीक्वेंसी का उपयोग कर भारतीय जहाजों को गोपनीय तरीके से सुरक्षित रखने में सक्षम है.

Aryan Defense Innovation

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Photo Credit: NDtv

फाइटर जेट्स के लिए 'ALCAS' सिस्टम

सिर्फ समुद्र ही नहीं, आर्यन ने आसमान की सुरक्षा के लिए भी कदम बढ़ाए हैं. उन्होंने फाइटर विमानों के लिए 'ALCAS सिस्टम' विकसित किया है. इन दोनों तकनीकों के लिए आर्यन को पेटेंट भी मिल चुका है और वह वर्तमान में भारतीय वायुसेना (IAF) और नौसेना के उच्चाधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं.

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हैं नाम

आर्यन को कम उम्र में बड़ी उपलब्धि के लिए अवार्ड भी मिले हैं. इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में 'देश के सबसे युवा डिफेंस इनोवेटर' के रूप में दर्ज किया गया है. फिलहाल आर्यन अभी गुजरात के वड़ोदरा में एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं.  उनका लक्ष्य भविष्य में भारतीय वायुसेना में बतौर पायलट शामिल होकर देश की सेवा करना है.

परिवार में खुशी की लहर

आर्यन की इस उपलब्धि से परिवार के सदस्य बेहद खुश हैं.उनके पिता माधो सिंह माइनिंग कंपनी में मैनेजर और माता सुनीता हाउस वाइफ हैं. बड़ी बहन राजश्री मेकअप आर्टिस्ट हैं और छोटी बहन उदिति ग्यारहवीं कक्षा की पढ़ाई कर रही हैं. उनका परिवार उनकी इस सफलता पर बेहद गर्व कर रहे है.

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