भीलवाड़ा के एक युवक ने 80 साल की बुजुर्ग मां को कांवड़ में बिठा 15 किलोमीटर की यात्रा करवाई. आसींद क्षेत्र के दूधिया गांव का रहने वाले भंवरनाथ की मां दृष्टिहीन हैं. इसी वजह से कांवड़ में यात्रा पूरी करवाई. उसके इस काम की स्थानीय क्षेत्रवासियों ने जमकर सराहना की. यात्रा का वीडियो भी सामने आया है, जिसे लोग काफी शेयर कर रहे हैं और उसे कलयुग का 'श्रवण कुमार' बता रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, जब मां ने बेटे को देवदर्शन की अंतिम इच्छा बताई तो बेटे ने इस इच्छा को पूरा करने का ठाना. उसने मां को कांवड़ में बैठाया और यात्रा के लिए रवाना हो गया. करीब 15 किलोमीटर की पदयात्रा में मां को कावड़ में बैठाकर भगवान देवनारायण के दर्शन करा लाया.
रास्ते में लोगों ने किया स्वागत
जैसे-जैसे युवक रास्ता तय करता हुआ आगे चलता रहा, वैसे-वैसे लोग भी उसके स्वागत में जुटते रहे. लोगों का कहना है कि अक्सर माता-पिता को बेसहारा छोड़ देने वाले मामले सामने आते हैं. ऐसे में युवक के सेवाभाव वाली यह तस्वीर सुखद है. रास्ते में जो भी लोग मिले, उन्होंने युवक की खूब सराहना की.
5 साल पहले चली गई थी मां की आंखों की रोशनी

युवक ने बताया कि मां सोहनी देवी की आंखों की रोशनी करीब पांच साल पहले अचानक धुंधली हो गई थी. उसके बाद पूरी तरह दिखना बंद हो गया. उम्रदराज होने के चलते बुजुर्ग महिला चलने-फिरने में भी अक्षम है. उनकी लंबे समय से इच्छा थी कि वे आंजना देव मंदिर के दर्शन करें. दो दिन पहले ही मां ने यह इच्छा बेटे को बताई थी.
गाजे-बाजे के साथ मंदिर तक पहुंचा पूरा परिवार
उसने यात्रा के लिए कांवड़ को बेहद ही खूबसूरत तरीके से सजाया. फूलों से सजाने की बाद उसमें मां को बैठाया गया. सोहनी देवी के पति उदय नाथ का 32 वर्ष पूर्व निधन हो चुका है. परिवार ने पिता की तस्वीर भी साथ रखी और मंदिर दर्शन को निकल पड़े. युवक के साथ उसकी पत्नी फुली देवी, पुत्र करण नाथ, अर्जुन नाथ, प्रहलाद नाथ तथा भाई प्रेम नाथ और जीवराज नाथ भी शामिल हुए. पूरा परिवार गाजे-बाजे के साथ श्रद्धा और उत्साह के माहौल में पैदल ही दूधिया गांव से सागनी गांव तक पहुंचा.
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