Jaipur News: बिहार की राजनीति में आज एक ऐसे युग का अंत होने जा रहा है, जिसने पिछले दो दशकों से सत्ता की धुरी को अपने इर्द-गिर्द घुमाया. रिकॉर्ड 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी है कि वे अब राज्यसभा जाएंगे. गुरुवार को उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नामांकन भी दाखिल कर दिया है. नीतीश के इस चौंकाने वाले फैसले ने जहां बिहार में 'भाजपा के पहले मुख्यमंत्री' का रास्ता साफ कर दिया है, वहीं विपक्षी खेमे ने इसे 'दिल्ली का दबाव' करार दिया है.
#WATCH | NDA's Rajya Sabha candidates from Bihar, including Nitish Kumar and Nitin Nabin, file their nomination in the presence of Union Minister Amit Shah in Patna. pic.twitter.com/VGtsX0xl3T
— ANI (@ANI) March 5, 2026
सचिन पायलट का तीखा वार
नीतीश कुमार के इस फैसले पर राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने जोरदार हमला बोला है. पायलट ने सवाल उठाते हुए कहा, 'नीतीश कुमार ने अपने चेहरे पर चुनाव लड़ा और जनता का जनादेश हासिल किया. अब वह किसके दबाव में मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ रहे हैं?' पायलट यहीं नहीं रुके, उन्होंने नीतीश के बार-बार गठबंधन बदलने के इतिहास पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने तो बहुत बार अपना मन बदला है, कभी इस पाले में तो कभी उस पाले में. अब दिल्ली जा रहे हैं, देखते हैं आगे क्या होता है.
'संसदीय इच्छा पूरी कर रहा हूं'
नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक लंबी पोस्ट लिखकर बिहार की जनता का आभार जताया. उन्होंने लिखा कि वर्ष 2005 से अब तक जनता ने उन पर जो भरोसा जताया, उसी की ताकत से उन्होंने बिहार की सेवा की. नीतीश ने बताया कि उनकी हमेशा से इच्छा थी कि वे विधानमंडल और संसद के दोनों सदनों (विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा) के सदस्य बनें. इसी 'अधूरी आकांक्षा' को पूरा करने के लिए वे अब उच्च सदन की राह पकड़ रहे हैं.
कार्यकर्ताओं में नाराजगी
नीतीश के इस्तीफे के साथ ही अब बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है. माना जा रहा है कि हिंदी पट्टी के एकमात्र राज्य बिहार में अब कमल खिलेगा. हालांकि, जेडीयू के भीतर इस फैसले को लेकर भारी नाराजगी है. मुख्यमंत्री आवास के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का भी मानना है कि नीतीश को मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए था.
#WATCH | Patna, Bihar: RJD leader Shakti Singh Yadav says, "A Chief Minister who came to power by winning 202 seats is being pushed to go to the Rajya Sabha... Now they are showing the candy of the position of the Deputy CM to Nitish Kumar's son..." pic.twitter.com/lrMVGOnDuK
— ANI (@ANI) March 5, 2026
बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री
इस सियासी घटनाक्रम के बीच नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री ने भी चर्चाएं तेज कर दी हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि इंजीनियरिंग स्नातक निशांत को नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. इधर, राजद नेता मनोज झा ने आरोप लगाया है कि नीतीश का यह फैसला खुद का नहीं है, बल्कि 'दिल्ली की स्क्रिप्ट' है जिसे वे फॉलो कर रहे हैं.
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