Rajasthan News: राजस्थान के बीकानेर में 'मोनू गैंग' के नाम से दहशत फैलाने वाले चार आरोपियों को जेएनवीसी थाना पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है. इन आरोपियों ने न केवल एक स्विफ्ट कार को आग के हवाले किया बल्कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर खुलेआम धमकी भी दी थी. पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है.
जानें क्या था पूरा मामला
मामले की शुरुआत 21 मई की रात को हुई जब प्रार्थी पोकरराम के पुत्र पोरूष से नशे के लिए रुपयों की मांग की गई. पैसे देने से इनकार करने पर आरोपी श्रीराम ललित हरिसिंह और समीर ने मोटरसाइकिल पर सवार होकर प्रार्थी के घर धावा बोल दिया. घर में घुसकर अभद्रता करने के बाद आरोपियों ने बाहर खड़ी स्विफ्ट कार में तोड़फोड़ की और ज्वलनशील पदार्थ डालकर उसे आग के हवाले कर दिया.
वीडियो वायरल कर फैलाई दहशत
आरोपियों की बर्बरता यहीं नहीं रुकी. उन्होंने पूरी घटना का वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर इसे वायरल कर दिया. वीडियो के साथ उन्होंने "यह सिर्फ ट्रेलर है फिल्म आगे दिखाएंगे" लिखकर खुद को 'मोनू गैंग' का सदस्य बताया. उनका उद्देश्य लोगों के मन में डर पैदा करना था. इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए एसपी मुद्गल कच्छावा ने मामले के खुलासे के लिए विशेष टीम गठित की.
पुलिस ने तकनीकी के पकड़ा
जेएनवीसी थानाधिकारी विक्रम तिवाड़ी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स की गहन जांच की. तकनीकी सहायता के दम पर पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस कर लिया. गिरफ्तार किए गए लोगों में जेठूसिंह उर्फ हरिसिंह ललित नायक श्रीराम शर्मा और नारायणसिंह उर्फ अजयसिंह शामिल हैं. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है और अब उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है.
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