Rajasthan News: राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा शनिवार को झुंझुनूं पहुंचे. यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ का नाम लेकर भाजपा में चल रही खींचतान पर बड़ा हमला बोला. डोटासरा ने चुटकी लेते हुए कहा कि राजेंद्र राठौड़ जैसे बड़े नेता अपनी राजनीतिक नियुक्ति की पर्ची का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि ढाई साल बीतने के बाद भी जो सरकार अपने कार्यकर्ताओं को नियुक्तियां नहीं दे पाई, वह प्रदेश का क्या भला करेगी?
'चपरासी तक का तबादला नहीं करा पा रहे'
सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए डोटासरा ने कहा कि मुख्यमंत्री के तौर पर भजनलाल शर्मा पूरी तरह फेल साबित हुए हैं. उन्होंने जीते हुए बीजेपी विधायकों की बेबसी का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार में 'चवन्नी' भर भी नहीं चल रही है. डोटासरा ने दावा किया कि सत्ताधारी विधायक एक टीचर, बाबू या चपरासी तक का ट्रांसफर करवाने की स्थिति में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार निकाय और पंचायत चुनावों से डरकर भाग रही है, क्योंकि उसे अपनी असलियत सामने आने का डर है.
'एक बूंद पानी नहीं, सिर्फ होर्डिंग का खेल'
इस दौरान शेखावाटी के सबसे बड़े मुद्दे 'यमुना पानी' पर भी डोटासरा ने सरकार को जमकर घेरा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दो-तीन बार इवेंट कर चुके हैं और जनता के टैक्स के पैसों से पोस्टर-होर्डिंग लगवा दिए गए हैं, लेकिन सवा दो साल में न तो डीपीआर बनी और न ही एक बूंद पानी आया. एमओयू का हवाला देते हुए डोटासरा ने कहा कि पहले हरियाणा 2400 क्यूसेक पानी लेगा, उसके बाद बारिश में 'ओवर फ्लड' होने पर ही राजस्थान के तीन जिलों को महज 4 महीने पानी मिलेगा. उन्होंने बजट में 3200 करोड़ की बात को भी खोखला बताया.
मंत्री के इलाके में सिर्फ एक सड़क और अस्पताल
बजट पर तंज कसते हुए डोटासरा ने सीकर और लक्ष्मणगढ़ के उदाहरण दिए. उन्होंने कहा कि मंत्री झाबर सिंह खर्रा के विधानसभा क्षेत्र में सिर्फ एक सड़क और एक अस्पताल दिया गया है, जबकि उनके खुद के क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में बीजेपी नेता महज डेढ़-डेढ़ किलोमीटर की दो सड़कें लेकर आए हैं. उन्होंने तंज कसा कि जब मंत्रियों को एक-एक सड़क मिल रही है, तो आम विधायकों और अन्य क्षेत्रों का क्या हाल होगा, इसका अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है.
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