बूंदी में किशोरी के रेप करने वाले दोषी को 20 साल की सजा और 45 हजार रुपये जुर्माना लगाया. कोर्ट पॉक्सो क्रम संख्या-2 ने त्वरित सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया. खास बात यह रही कि इस मामले में न्यायालय ने महज 4 महीने में सुनवाई पूरी कर फैसला सुना दिया, जिससे पीड़िता को त्वरित न्याय मिल सका. विशिष्ट लोक अभियोजक निशांत सोनी ने बताया कि घटना 21 नवंबर 2025 की है.
पुलिस ने किशोरी को बरामद किया
किशोरी के पिता रात में खेत पर रखवाली करने गया था. घर पर उसकी पत्नी और बच्चे सो रहे थे. रात करीब एक बजे किशोरी की मां पानी पीने के लिए उठी तो उसने देखा कि उसकी नाबालिग बेटी अपने बिस्तर पर नहीं थी. घबराई महिला ने पति को फोन कर जानकारी दी. सूचना पर पहुंचे पीड़िता के पिता ने आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां बेटी की तलाश शुरू की, लेकिन कहीं भी उसका सुराग नहीं मिला. इसके बाद उसने हिण्डौली थाने में पहुंचकर नाबालिग बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और तत्परता दिखाते हुए बालिका को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. पुलिस ने जांच पूरा कर न्यायालय में चालान पेश किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने त्वरित सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई.
कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई
न्यायालय पॉक्सो क्रम संख्या-2 के न्यायाधीश बन्ना लाल जाट ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया. आरोपी की पहचान हिण्डौली क्षेत्र के मांगली कला निवासी आनंद सिंह पुत्र सुरेंद्र सिंह के रूप में हुई है. न्यायालय ने उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई और साथ ही 45 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया.
यह भी पढ़ें: नींबू- बेर के बागान में छिपा रखी थी गांजे की फसल, भनक लगते ही पुलिस ने बोला धावा, उखाड़कर जब्त किए 1510 पौधे