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हृदयांश को बचाने की मुहिम ला रही रंग, 2 करोड़ रुपए हुए जमा; मासूम को बचाने के लिए चाहिए 17 करोड़ का इंजेक्शन

Hridayansh Ko Bachana Hai: ऊपर की तस्वीर में आप जिस बच्चे को देख रहे हैं उसका नाम ह्रदयांश है. ह्रदयांश अभी मात्र 22 महीने का ही है. लेकिन इस छोटी उम्र में ही ह्रदयांश को एक ऐसी बीमारी हो गई है, जिसकी इलाज के लिए 17 करोड़ रुपए का इंजेक्शन चाहिए.

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हृदयांश को बचाने की मुहिम ला रही रंग, 2 करोड़ रुपए हुए जमा; मासूम को बचाने के लिए चाहिए 17 करोड़ का इंजेक्शन
22 महीने के मासूम ह्रदयांश को बचाने के लिए चाहिए 17 करोड़ का टीका.

Hridayansh Ko Bachana Hai: उम्र मात्र 22 महीने, बीमारी इतनी घातक की इलाज के लिए चाहिए 17 करोड़ रुपए का इंजेक्शन. ये कहानी है राजस्थान के धौलपुर जिले से ह्रदयांश की. जिसकी जान बचाने की मुहिम में माता-पिता, रिश्तेदारों के साथ-साथ समाज के लोग भी लगे हैं. ह्रदयांश को बचाने की मुहिम अब रंग लाती नजर आ रही है. क्योंकि क्राउंड फंडिग के जरिए ह्रदयांश के लिए 2 करोड़ जमा कर लिए गए हैं. हालांकि मंजिल अब भी बहुत दूर है. ह्रदयांश के इलाज के लिए 17 करोड़ का इंजेक्शन चाहिए. ऐसे में अब भी उसकी जान बचाने के लिए 15 करोड़ रुपए जमा करना बाकी है. 

दरअसल राजस्थान के धौलपुर जिले का रहने वाला 22 महीने का ह्रदयांश दुर्लभ बीमारी से जूझ रहा है. 17 करोड़ के इंजेक्शन से उसे नई जिंदगी मिलेगी. ह्रदयांश को बचाने के लिए कई सामाजिक संगठन सामने आए. कई लोग बाजार में घूम-घूम कर ह्रदयांश के लिए आर्थिक मदद मांग रहे हैं. 

स्पाइनल मस्कुलर एस्ट्रॉफी नामक बीमारी से जूझ रहा ह्रदयांश 

बताते चले कि स्पाइनल मस्कुलर एस्ट्रॉफी नामक घातक बीमारी से जूझ रहे 22 महीने के हृदयांश को बचाने की मुहिम में शहर का प्रतिष्ठित सामाजिक संगठन हल्ला सरोकार मंच बाजार में उतर गया. शहर के प्रमुख बाजारों में घूम कर दान पेटी लेकर आर्थिक मदद मांगी है. शहर के दुकानदार, फल विक्रेता, सब्जी विक्रेता सभी लोग दान पेटी में आर्थिक मदद दे रहे हैं. सामाजिक संगठन द्वारा अन्य समाजसेवी संस्थाओं को हृदयांश की जान बचाने के लिए आगे आने की अपील की है.

ह्रदयांश के पिता में पुलिस में करते हैं नौकरी

हल्ला सरोकार मंच के पदाधिकारी प्रमोद शर्मा एडवोकेट ने बताया मनिया थाना प्रभारी नरेश शर्मा का 22 महीने का पुत्र हृदयांश घातक बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एस्ट्रॉफी से जूझ रहा है. बच्चे की कमर के नीचे का हिस्सा बिल्कुल भी काम नहीं कर रहा है. चिकित्सकों के बताए अनुसार 22 महीने के बच्चे को बचाने के लिए 17 करोड़ रुपए के इंजेक्शन की जरूरत है. इस बेसकीमती टीका लगने से बच्चे की जान बच जाएगी. उन्होंने बताया वेतन भोगी कर्मचारी के लिए साढ़े 17 करोड़ रुपए का टीका खरीदना असंभव है.

दो महीने में जमा करने होंगे 17 करोड़ रुपए

ह्रदयांश को यह टीका 24 महीने की आयु तक लगाया जा सकता है. ऐसे में उसे टीका लगाने के लिए मात्र 2 महीने का समय बाकी है. इन दो महीनों में ही उसके लिए 17 करोड़ रुपए जमा करने होंगे. इंजेक्शन खरीदने की राशि भारी भरकम होने की वजह से समाज के भामाशाह, सामाजिक संगठन, समाज सेवी संस्थाओ को आगे आना पड़ेगा. समाज के लोग एकजुट होकर आर्थिक मदद करें तो ह्रदयांस का उपचार संभव है. इसी को लेकर बुधवार को हल्ला सरोकार मंच द्वारा शहर के नागरिकों को साथ लेकर बाजारों में आर्थिक मदद मांगी है. शहर के फल विक्रेता, सब्जी विक्रेता, आम नागरिक के साथ सभी लोग दान पेटी में दान देकर आर्थिक मदद कर रहे हैं.

अभिनेता और क्रिकेटर भी कर रहे अपील

22 महीने के हृदयांश को बचाने की मुहिम में बॉलीवुड अभिनेता एवं क्रिकेटर्स भी शामिल हो गए हैं. बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद एवं क्रिकेटर दीपक चाहर ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर हृदयांश को बचाने के लिए समाज के लोगों से आर्थिक मदद की अपील की है. हृदयांश को बचाने के लिए समाज के लोगों द्वारा दी गई आर्थिक राशि 2 करोड़ के आसपास हृदयांश के अकाउंट में जमा हो चुकी है. उम्मीद जताई जा रही है, समाज के लोग हृदयांश को बचाने की सकारात्मक मुहिम में सफल होंगे और बच्चे को नया जीवन मिल सकेगा.

यह भी पढ़ें - राजस्थान के हृदयांश की जिंदगी बचाने की चली मुहिम, 2 महीने और, 17 करोड़ के इस इंजेक्शन की है जरूरत

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