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This Article is From Mar 29, 2025

470 साल पुराने गांव में अचानक क्यों पसरा सन्नाटा, घर छोड़कर खेतों में आए लोग; जाने क्या है पूरा मामला

470 Year Old Devda Village: गांव वाले खेतों पर रहते हुए अपने घर पर नहीं लौटेंगे. कोई भी व्यक्ति अपने घर का ताला तक नहीं खोलेगा. इस दौरान पुलिस व गांव के युवाओं की टीम गश्त करती रहेगी.

470 साल पुराने गांव में अचानक क्यों पसरा सन्नाटा, घर छोड़कर खेतों में आए लोग; जाने क्या है पूरा मामला
सूना पड़ा गांव

Rajasthan News: 470 साल पहले बसे एक गांव में पिछले 3 दिन से सन्नाटा पसरा हुआ है. गांव के लोग बताते हैं कि गांव जब से बसा हैं तब से तरक्की नहीं हो पा रही है. ऐसे में गांव की तरक्की के लिए सामुहिक निर्णय के बाद ग्रामीण 3 दिन के लिए गांव छोड़कर सरहद पर रहने लगें. मामला चित्तौड़गढ़ जिले के बड़ीसादड़ी उपखण्ड क्षेत्र के देवदा गांव का है. ग्रामीण बताते हैं कि गांव पर आसुरी शक्तियों का प्रभाव होने से गांव की प्रगति बाधित हो रही हैं. ऐसे में लोगों ने गांव को तीन दिन के लिए खाली करके अपने खेतों पर डेरा डाले हुए हैं.

470 साल से कोई सरकारी नौकरी नहीं

ग्रामीण बताते हैं कि गांव में जब भी घर की नींव खुदाई की जाती हैं तो उसमें हड्डियां, कोयले, कंकाल, मिट्टी के बर्तन समेत कई पुरानी वस्तुएं निकलती हैं. गांव को बसे हुए 470 साल हो गए लेकिन आज भी गांव में कोई सरकारी नौकरी में नही हैं. गांव के कई युवाओं ने उच्च शिक्षा ग्रहण की हैं, लेकिन उनके हाथ नौकरी से खाली हैं.

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यहां के कुछ लोग विदेश में भी काम करते हैं तो गांव के लिए लोग ठेकेदारी करके अच्छा खासा मुनाफा कमाते फिर भी गांव की तरक्की नहीं हो पाई. ऐसे में ग्रामीणों ने गांव से 3 दिन के लिए बाहर रहने के बाद रविवार को धार्मिक अनुष्ठान के साथ गांव में पुर्नवास करेंगे. इसके लिए गांव में 8 दिन तक धार्मिक अनुष्ठान होंगे.

आखिर ग्रामीणों ने ऐसा क्यों किया?

चित्तौड़गढ़ उपखंड के विनायका ग्राम पंचायत में स्थित देवदा के ग्रामीण गांव में नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव को खत्म करने और आस्था के चलते एक अनूठा कार्यक्रम कर रहे हैं. ग्रामीणों का मानना है कि उनके गांव में किसी नकारात्मक शक्तियों के प्रभाव के कारण बरसों से गांव वाले कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं.

ग्रामीणों ने बताया कि जब भी कोई व्यक्ति नए मकान की नींव की खुदाई करता है तो नींव खुदाई में मानव कंकाल एवं पशुओं की हड्डियां निकलती है. नकारात्मक शक्तियों के कारण गांव में खुशहाली नहीं हो पा रही है. नकारात्मक शक्तियों से बचने के लिए गांव में सभी समाज के लोगों ने मिलकर 15 लाख रुपये की लागत से हनुमान जी का मंदिर बनवाया है.

3 दिन तक कोई भी नहीं जाएगा अपने घर

ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से पहले वह 3 दिन तक अपने खेतों में टेंट लगाकर गांव से बाहर घर छोड़ कर रह रहे है. तीन दिन तक मवेशी, बुजुर्ग, महिलाएं व बच्चों सहित गांव में एक भी व्यक्ति अपने घर पर नहीं रहेगा. तीन दिन बाद 30 तारीख को वैदिक मंत्रोचार और विधि-विधान से बड़ीसादड़ी दिव्य आनंदधाम के संत अनंतराम शास्त्री के सानिध्य में बैंड-बाजे और जुलूस के रूप में गांव में फिरसे प्रवेश करेंगे.

इस दौरान हनुमान मंदिर परिसर में 8 दिन तक भागवत कथा और सिद्ध श्री महावीर हनुमान प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होगा. ग्रामीणों ने बताया कि इस आयोजन में प्रतिदिन भागवत कथा के बाद महाप्रसाद की व्यवस्था ग्रामीणों की ओर से की जा रही है. 27 तारीख को दोपहर शुभ मुहूर्त में ग्रामवासियों ने गांव खाली किया. तीन दिन तक गांव वाले खेतों पर रहते हुए अपने घर पर नहीं लौटेंगे. रविवार को धार्मिक अनुष्ठान के साथ गांव में ग्रामीण प्रवेश करेंगे.

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