
ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक को सम्बोधित करते हुए सोमवार को सीएम भजनलाल शर्मा ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्रगति एवं समृद्धि का सूत्र बताया. प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में असीम संभावनाओं को जिक्र करते हुए कहा कि सीएम ने इस क्षेत्र में उचित नीति निर्माण एवं क्रियान्वयन से ऊर्जा विभाग राज्य के विकास एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए वृहद स्तर पर संसाधन एवं रोजगार सृजित कर सकता है.
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भजनलाल शर्मा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान के पास देश का सबसे बड़ा ‘लैंड-बैंक' है. सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य में असीम संभावनाएं हैं. सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आ रहे निवेशकों को उपयुक्त माहौल एवं प्रोत्साहन मिलना चाहिए और इस क्षेत्र में होने वाले ज्ञापन समझौतों में प्रदेश एवं प्रदेशवासियों के हितों को केन्द्र में रखा जाना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में विभिन्न कारणों से छत्तीसगढ़ से राजस्थान को आंवटित कोयला खदानों से आपूर्ति बाधित रही थी, लेकिन आश्वश्त किया कि अब बेहतर समन्वय से राज्य में कोयला आपूर्ति में कोई समस्या नहीं होगी. उन्होंने अधिकारियों को राज्य में बिजली की मांग व आपूर्ति के बीच की कमी को पूरा करने के भी दिशा-निर्देश दिए.
राज्य में बिजली संकट पर अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए अधिकारी भविष्य की रूपरेखा तैयार करें और जनता की समस्याओं को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य करे. साथ ही, कहा कि विभाग का ध्यान आंकड़ों की हेर-फेर की बजाय वास्तविक व ठोस परिणाम देने पर केन्द्रित होना चाहिए और प्रभावी निगरानी के द्वारा बिजली हानि की समस्या का निराकरण करने का निर्देश दिया.
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