
कोटा से बुधवार को रांची की एक लड़की के सुसाइड की खबर सामने आई थी. इस मामले में राजस्थान के मंत्री शांति धारीवाल ने प्रेम प्रसंग का मामला बताया था. उन्होंने रांची की 16 वर्षीय लड़की द्वारा हॉस्टल में की गई खुदकुशी समेत कोटा में विद्यार्थियों की आत्महत्या के कई मामलों का कारण प्रेम प्रसंग होना बताया था. मंत्री के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए लड़की के पिता ने उनसे सबूत देने की मांग की है. धारीवाल ने बुधवार शाम संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि लड़की ने एक पत्र छोड़ा है जिसमें कहा गया है कि उसकी आत्महत्या का कारण प्रेम प्रसंग हैं. जबकि पुलिस का कहना है कि लड़की के कमरे से कोई पत्र या ‘सुसाइड नोट' बरामद नहीं हुआ है.
धारीवाल ने पत्रकारों से कहा, ‘‘आपको यह सुनकर दुख होगा कि आज एक लड़की ने आत्महत्या कर ली है. पता चला है कि उसने प्रेम प्रसंग के कारण आत्महत्या की है. उसने एक पत्र छोड़ा था. यहां (कोचिंग विद्यार्थियों द्वारा) की गई आत्महत्या के सभी मामलों का सटीक कारण जानने के लिए गहन जांच की आवश्यकता है.''
प्रेम प्रसंग का मामला होने का पुलिस ने किया इंकार
विज्ञान नगर पुलिस थाने के सर्किल निरीक्षक देवेश भारद्वाज ने ऋचा के छात्रावास के कमरे से किसी भी तरह का ‘सुसाइड नोट' बरामद होने से इंकार किया है. उन्होंने लड़की द्वारा आत्महत्या का कारण प्रेम प्रसंग होने से मना करते हुए कहा कि पुलिस को उसके कमरे से ऐसा कोई सुराग नहीं मिला.
भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC ) की धारा 174 के तहत मामला दर्ज किया है और लड़की का शव परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया है. पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) धर्मवीर सिंह ने भी लड़की की आत्महत्या के पीछे प्रेम प्रसंग को कारण बताने वाला कोई नोट बरामद होने से इनकार किया है.
लड़की के पिता बोले ऐसा है तो सबूत दें मंत्री
नीट अभ्यर्थी ऋचा के पिता उसका शव लेने के लिए गुरुवार की सुबह झारखंड की राजधानी रांची से कोटा पहुंचे थे . लड़की के पिता ने धारीवाल की टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई और उनसे अपने दावों को साबित करने के लिए सबूत की मांग की.
लड़की के पिता रवींद्र सिन्हा ने मीडिया से कहा, ‘‘मेरी बेटी का कोई प्रेम प्रसंग नहीं था. यदि उनके (धारीवाल) के पास ऐसा कोई सबूत है, तो उन्हें इसे मेरे साथ साझा करना चाहिए. ''उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने उनसे शिकायत की थी कि कोटा में कुछ लड़के कोचिंग संस्थान जाते और आते समय उससे छेड़छाड़ करते थे. सिन्हा ने कोटा में कोचिंग छात्रों को परामर्श (काउंसलिंग) सुविधाओं को लेकर भी असंतोष जताया.
भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 174 के तहत मामला दर्ज किया है और लड़की का शव परिवार के सदस्यों को सौंप दिया गया है. पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) धर्मवीर सिंह ने भी लड़की की आत्महत्या के पीछे प्रेम प्रसंग को कारण बताने वाला कोई नोट बरामद होने से इनकार किया है.
डीएसपी ने कहा कि परिवार के सदस्यों ने कोटा में ही एक विद्युत शवदाह गृह में लड़की का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया. लड़की 11वीं कक्षा की छात्रा थी और इस साल मई से यहां एक कोचिंग संस्थान में नीट की तैयारी कर रही थी.
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