
डीडवाना जिले के कुचामन सिटी के पालड़ी गांव में 8 साल पहले हुए एक मर्डर के मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है. न्यायालय ने हत्या के मामले में मोग्या गैंग के तीन कुख्यात बदमाशों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. कुचामन सिटी के अपर सेशन न्यायाधीश सुंदरलाल खारोल इस मामले की सुनवाई कर रहे थे.
ट्रायल के दौरान कोर्ट में कुल 31 गवाह और 33 दस्तावेज पेश किए गए, जिसके आधार पर न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए गहने लूटने की नीयत से बंधक बनाकर महिला की हत्या करने के मामले में आरोपी मालपुरा (टोंक) निवासी रामनिवास उर्फ कालिया, सीताराम उर्फ कागला और हनुमान नगर (भीलवाड़ा) निवासी रामस्वरूप उर्फ राधेश्याम निवासी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
8 साल पुराना है मामला
यह मामला 8 जुलाई 2016 का है. मृतका के परिजन राजेंद्र कुमार ने 9 जुलाई 2016 को पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि पालड़ी गांव निवासी 8 जुलाई 2016 को मृतका रुक्मिणी देवी मंडावरा में आयोजित स्वच्छता कैंप की मीटिंग में भाग लेने गई थी और जब दोपहर 2:00 बजे अपने गांव पालड़ी वापस अकेली ही पैदल आ रही थी. इसी दौरान आरोपियों ने उसे अकेली देखकर बंधक बना लिया
दौसा पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में घटना को अंजाम देने के बात स्वीकार की थी. इसके बाद कुचामन पुलिस ने तीनों आरोपियों को दौसा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया था. आरोपी रामनिवास को 4 सितंबर 2016, सीताराम को 27 अगस्त 2016 और रामस्वरूप को 31 अगस्त 2016 को दोसा जेल से कुचामन लाया जाकर न्यायालय में पेश किया गया. आज सजा सुनाए जाने के बाद सभी आरोपियों को दौसा जेल भेज दिया गया है.
मोग्या गैंग से जुड़े हैं बदमाश
मृतक की हत्या के आरोपियों के खिलाफ कुल 8 साल तक मुकदमा चला और आज कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है. सभी कुख्यात मोग्या गिरोह के बदमाश हैं, जिन्होंने राज्य के कई इलाकों में चोरी, डकैती और हत्या की घटनाओं को अंजाम दिया है, जिनके खिलाफ राज्य के कई पुलिस स्टेशनों में आपराधिक मामले दर्ज हैं.
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