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This Article is From Oct 21, 2025

आज 21 अक्टूबर को भी मना रहे हैं दिवाली? नोट कर लें पूजन का शुभ मुहूर्त और जान लें अमावस्या कब होगी खत्म?

'रंग रंगीलो' राजस्थान! त्योहारों का रंग इस राज्य की पहचान है, और जब बात दिवाली की आती है, तो यहां की रौनक देखने लायक होती है

आज 21 अक्टूबर को भी मना रहे हैं दिवाली? नोट कर लें पूजन का शुभ मुहूर्त और जान लें अमावस्या कब होगी खत्म?
21 अक्टूबर दिवाली 2025: आज भी कर रहे हैं पूजा तो नोट करें अभिजीत मुहूर्त समेत शुभ समय, अमावस्या कब होगी खत्म?
IANS

Rajasthan Me Diwali Kab Hai 2025: दिवाली का मुख्य त्योहार 20 अक्टूबर को प्रदोष काल में मनाया जा चुका है, लेकिन अगर आप उन लोगों में से हैं जो आज, यानी 21 अक्टूबर को दिवाली मना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है. पंचांग के अनुसार, आज 21 अक्टूबर को सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि मौजूद है. इसलिए जो लोग उदिया तिथि (जिस तिथि में सूर्योदय होता है) को मानते हैं या जो दिवाली स्नान करना चाहते हैं, उनके लिए आज का दिन सही है. इसके अलावा, आज का दिन व्यापारिक पूजा और गोवर्धन पूजा की तैयारी के लिए भी बहुत शुभ है. आइए, जानते हैं आज 21 अक्टूबर को लक्ष्मी और गणेश की पूजा (या व्यापारिक पूजा) के लिए सबसे शुभ मुहूर्त क्या है, ताकि आपकी पूजा अधूरी न रह जाए.

दिवाली 21 अक्टूबर 2025: शुभ मुहूर्त और महत्व

अमावस्या तिथि आज शाम 05:54 बजे तक ही है, इसलिए आपको सारे शुभ कार्य इसी समय से पहले निपटा लेने होंगे. सुबह उठकर, आप 06:26 बजे के बाद 'दिवाली/अमावस्या स्नान' कर सकते हैं, जिससे नकारात्मकता दूर होती है और शरीर शुद्ध होता है. इसके बाद, अगर आप अपनी दुकान, फैक्ट्री या ऑफिस में पूजा करना चाहते हैं, तो 'व्यापारिक पूजा' के लिए दिन का सबसे शुभ समय यानी 'अभिजीत मुहूर्त' दोपहर 11:47 बजे से 12:35 बजे तक है. यह मुहूर्त व्यापार की उन्नति के लिए बहुत उत्तम माना जाता है. वहीं, जिन लोगों की लक्ष्मी पूजा 20 अक्टूबर को छूट गई थी, वे आज शाम 05:54 बजे अमावस्या तिथि खत्म होने से पहले सामान्य रूप से देवी-देवताओं का पूजन कर सकते हैं. इसके अलावा, आज पूरे दिन आप कल होने वाली गोवर्धन पूजा की तैयारी शुरू कर सकते हैं, जैसे कि गोबर जुटाना, जो कि बेहद शुभ माना जाता है.

गोवर्धन पूजा का सही समय

आम तौर पर, दिवाली खत्म होते ही अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है, पर इस बार तिथियों की वजह से यह तारीख एक दिन आगे बढ़ गई है. असल में, 21 अक्टूबर को अमावस्या तिथि शाम 05:54 बजे तक है, जिसके बाद प्रतिपदा तिथि शुरू हो रही है. पंडितों की मानें तो गोवर्धन पूजा (अन्नकूट) हमेशा उदिया तिथि (जिस दिन सूर्योदय होता है) में मनाना सबसे शुभ होता है. इसीलिए, पूरे दिन गोवर्धन पूजा करने के लिए 22 अक्टूबर 2025 की तारीख सबसे उत्तम मानी गई है. अगर आप पूजा की तैयारी कर रहे हैं, तो इस दिन दोपहर 03:29 बजे से शाम 05:44 बजे तक का शुभ मुहूर्त नोट कर लें. याद रखिए, इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर पूजा होती है और मंदिरों में छप्पन भोग (अन्नकूट) का प्रसाद चढ़ाया जाता है।

भाई दूज पर तिलक मुहूर्त

दिवाली के 6 दिन के इस महापर्व का समापन भाई-बहन के पवित्र त्योहार भाई दूज के साथ होगा, जो 23 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) को मनाया जाएगा. यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम को मजबूती देता है, जिसमें बहनें अपने भाई को तिलक करती हैं. तिलक करने का सबसे शुभ समय दोपहर 01:13 बजे से दोपहर 03:28 बजे तक रहेगा. राजस्थान के लोग त्योहारों को पूरी परंपरा और भव्यता से मनाते हैं. अगर आपकी खरीदारी या गोवर्धन पूजा/भाई दूज की तैयारी अभी तक पूरी नहीं हुई है, तो इन शुभ तारीखों और मुहूर्तों को ध्यान में रखकर अपनी प्लानिंग तुरंत पूरी कर लें.

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