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This Article is From Jul 25, 2025

Rajasthan News: राजस्थान के बारां में ड्रोन से बिजली चोरों की धरपकड़, लाखों की चोरी का खुलासा

Baran News: यह पहली बार है जब जिले में ड्रोन तकनीक का उपयोग विद्युत चोरी रोकने के लिए किया गया है. ड्रोन अब सिर्फ युद्ध या औद्योगिक निगरानी तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता में भी उपयोग किए जा रहे हैं.

Rajasthan News: राजस्थान के बारां में ड्रोन से बिजली चोरों की धरपकड़, लाखों की चोरी का खुलासा
बारां में बिजली चोरी रोकने के लिए ड्रोन से निगरानी की जा रही है.

Baran News: राजस्थान के बारां जिले में बिजली चोरी पर लगाम कसने के लिए विद्युत विभाग ने अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है. बारां विद्युत निगम ने ड्रोन के जरिए बिजली चोरी पकड़ने की एक मुहिम शुरू की है. बीते सप्ताह से शहर में विजिलेंस टीम सक्रिय है और कई इलाकों में छापेमारी की जा रही है. इन छापों में बड़ी मात्रा में अवैध विद्युत कनेक्शन पकड़े गए हैं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान सामने आया है.

शहर की रिद्धिका कॉलोनी, शांतिलाल जी की बाड़ी, हाउसिंग बोर्ड और भगत सिंह कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में ड्रोन से की गई निगरानी के दौरान मकानों की छतों से अवैध विद्युत लाइनें पकड़ी गईं. सहायक अभियंता अनुराग शर्मा और सतर्कता अधिकारी उमेश अग्रवाल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में ड्रोन से साफ़ तस्वीरें ली गईं, जिनमें छतों से सीधे कट की लाइनें साफ दिखाई दीं. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी.

करीब ढाई लाख का जुर्माना

इन कार्रवाइयों के तहत कई उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी के आरोप तय किए गए हैं और कुल मिलाकर करीब ढाई लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर तय समय में जुर्माना जमा नहीं किया गया तो संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी. इस पूरी कार्रवाई में निगम के कर्मचारी बृजेश गौतम, मुकुट मेहरा, मनोहर मीणा, ओम वर्मा, नीरज मीना और नवल की भी अहम भूमिका रही.

पहली बार है जब जिले में ड्रोन तकनीक का उपयोग

यह पहली बार है जब जिले में ड्रोन तकनीक का उपयोग विद्युत चोरी रोकने के लिए किया गया है. ड्रोन अब सिर्फ युद्ध या औद्योगिक निगरानी तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि सार्वजनिक सेवाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता में भी उपयोग किए जा रहे हैं. विभाग अब पूरी तरह चौकस है और चोरी रोकने के लिए तकनीक को हथियार बना रहा है. अधिकारियों का कहना है कि नवाचार की दिशा में यह एक मजबूत कदम है.

लोड बढ़ा लेकिन रेवेन्यू नहीं मिला 

इस तकनीकी कार्रवाई के पीछे मुख्य कारण यह भी है कि शहर में ग्रिड से हो रही बिजली सप्लाई का लोड लगातार बढ़ रहा है, लेकिन राजस्व में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही. विभाग को आशंका है कि इसका बड़ा कारण चोरी हो सकती है. यही वजह है कि अब ऐसे उपभोक्ताओं पर सख्ती बरती जा रही है. 

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