Rajasthan News: राजस्थान की 'शिक्षा नगरी' में खाकी एक बार फिर दागदार हुई है. कोटा शहर में अभी सिपाही पर लूट के आरोप की जांच थमी भी नहीं थी कि अब ग्रामीण पुलिस (Kota Rural Police) के एक बड़े अधिकारी पर तस्करों को 'अभयदान' देने के गंभीर आरोप लगे हैं. मामला बपावर थानाधिकारी ईश्वर सिंह से जुड़ा है, जिन्हें डोडा-चूरा तस्करों से सांठगांठ के आरोप में एसपी ने तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है.
क्या है पूरा मामला?
करीब 20 दिन पहले बपावर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 किलो डोडा-चूरा बरामद किया था. पुलिस ने पंजाब के एक तस्कर को तो गिरफ्तार किया, लेकिन बाकी आरोपी मौके से 'फरार' दिखा दिए गए. एसपी कोटा ग्रामीण सुजीत शंकर को पुख्ता फीडबैक मिला कि थानाधिकारी ईश्वर सिंह ने मोटी रकम लेकर मुख्य तस्करों को छोड़ दिया है. मामला गंभीर होते ही एसपी ने कड़ा रुख अपनाया और थानाधिकारी को सस्पेंड जैसा कदम उठाते हुए लाइन हाजिर कर दिया. मामले की जांच सांगोद डीएसपी को सौंपी गई है, जिन्हें सोमवार तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.

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मप्र सीमा से सटा है इलाका
बताते चलें कि कोटा ग्रामीण का चेचट और सांगोद इलाका मध्य प्रदेश की सीमा से सटा है, जहां अफीम की भारी खेती होती है. अफीम की कटाई का सीजन नजदीक आते ही तस्कर सक्रिय हो जाते हैं. इसी के चलते कोटा ग्रामीण पुलिस के एसपी सुजीत शंकर ने विशेष निर्देश दे रखे हैं कि तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. ऐसी स्थिति में पुलिस के ही जिम्मेदार अधिकारी का तस्करों के साथ खड़ा होना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है.

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लूट मामले में कांस्टेबल का नाम
वहीं, कोटा के आर. के. पुरम थाना इलाके में हुई लूट मामले में भी पीड़ित ने कांस्टेबल समेत 5 अन्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है. इस मामले में भी डीएसपी जांच कर रहे हैं. इस मामले के तार भी अवैध मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़े होने का पूरा अंदेशा है. मामला सामने आने के बाद से पुलिस की टीम इस मामले में जांच में जुटी हुई है.
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