विज्ञापन

Rajasthan politics: अंता के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को मिली पैरोल, SDM पर बंदूक तानने के कारण जेल में है बंद

Rajasthan News: अंता के पूर्व MLA और BJP नेता कंवरलाल मीणा को 20 दिन की पैरोल मिल गई है. उनके जेल से बाहर आने पर उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है.

Rajasthan politics: अंता के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को मिली पैरोल, SDM पर बंदूक तानने के कारण जेल में है बंद
KanwarLal Meena
NDTV

Ex MLa Kanwarlal Meena Get payroll: अंता के पूर्व MLA और BJP नेता कंवरलाल मीणा को 20 दिन की पैरोल मिल गई है. जिसके बाद वे झालावाड़ जेल से अपने रिश्तेदारों से मिलने के बाद कामखेड़ा धाम पहुंचे. जहां उन्होंने बालाजी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की. जैसे ही पूर्व MLA के समर्थकों को पैरोल की खबर मिली, उनमें खुशी खुशी की लहर दौड़ गई. इसके साथ ही उन्होंने मंदिर पहुंचकर नारे और फूलों से उनका स्वागत किया.

आखिर क्यों मिली है पैरोल

जानकारी के लिए आपको बता दें कि कंवरलाल मीणा कुछ समय पहले जेल के बाथरूम में गिरकर चोटिल हो गए थे जिसके चलते उन्हें स्पाइन में चोट लगी थी और उन्हें सर्जरी के लिए कोटा ले जाया गया था, तभी से उनका स्पाइन का इलाज चल रहा है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मीणा के जरिए अपनी बीमारी के उपचार के लिए पेरौल मांगी गई है. कानूनी प्रावधानों के अनुसार कैदी अपनी सजा का एक चौथाई हिस्सा पूर्ण कर लेने के पश्चात नेक चाल चलन वाले कैदी को 20 दिन की पैरोल का अधिकार मिल जाता है. कंवरलाल मीणा को 3 साल की सजा हुई है जिसमें से वह एक चौथाई सजा पूर्ण कर चुके है तथा सजा के दौरान जेल में उनका चाल चलन भी नेक रहा है जिसके आधार पर उसको पैरोल मिली है.

पेरौल के कागजों पर साइन करते हुए कंवरलाल मीणा

पेरौल के कागजों पर साइन करते हुए कंवरलाल मीणा
Photo Credit: NDTV

उप-सरपंच चुनाव विवाद से जुड़ा है मामला

पूरी घटना 2005 की है. झालावाड़ जिले के मनोहर थाना इलाके में उप- सरपंच चुनाव के दौरान वोट काउंटिंग को लेकर विवाद हो गया था. आरोप है कि कंवरलाल मीणा ने उस समय के SDM रामनिवास मेहता पर पिस्तौल तान दी और दोबारा काउंटिंग कराने की धमकी दी. मौके पर मौजूद IAS ऑफिसर और तहसीलदार ने बीच-बचाव कर हालात को काबू में किया. इसके अलावा, सरकारी कैमरे का कैसेट तोड़ने और फोटोग्राफर का कैमरा जलाने की कोशिश करने के भी आरोप लगे. इस मामले में तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी. इस मामले को लेकर कंवरलाल मीणा ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राहत की गुहार लगाई थी, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी.

अदालतों में चला लंबा कानूनी संघर्ष

इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2018 में कंवरलाल मीणा को बरी कर दिया था. हालांकि, वर्ष 2020 में एडीजे कोर्ट अकलेरा ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए उन्हें दोषी ठहराया और तीन साल की सजा सुनाई. इसके बाद कंवरलाल मीणा ने उच्च न्यायालय में अपील की, लेकिन 1 मई 2025 को हाईकोर्ट ने सजा बरकरार रखी. सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी, जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा और विधायकी भी समाप्त हो गई.

कौन है कंवरलाल मीणा

कंवरलाल मीणा बीजेपी के एक पूर्व राजनेता और अंता विधानसभा से पूर्व विधायक थे, जो 2023 में अंता (बारां) से  विधायक चुने गए थे. 2005 के एक आपराधिक मामले में 3 साल की सजा के बाद उन्हें मई 2025 में विधानसभा की सदस्यता से निरस्त कर दी गई थी. वे 2013-2018 तक मनोहर थाना से भी विधायक रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: Rajasthan: जिस स्कूल में जाती थी मासूम पढ़ने, उसी बस के पहिए के नीचे आकर कुचला राखी का सिर

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close