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This Article is From Jan 30, 2026

कथित तौर पर साध्वी प्रेम बाईसा को इंजेक्शन देने वाले कम्पाउंडर के परिजन आये सामने, पुलिस पर लगाया आरोप 

Suspicious death of Sadhvi Prem Baisa: परिजनों का कहना है कि देवीसिंह खुद पुलिस के सामने पेश हुए थे. उनका तर्क है कि अगर वे दोषी होते तो स्वेच्छा से पुलिस के सामने क्यों आते. परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही देवीसिंह को ज़बरन हिरासत में बैठाए रखना गलत है.

कथित तौर पर साध्वी प्रेम बाईसा को इंजेक्शन देने वाले कम्पाउंडर के परिजन आये सामने, पुलिस पर लगाया आरोप 
साध्वी प्रेम बाईसा और कम्पाउंडर देवीसिंह बावरी के परिजन

Balotara News: जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है. उपचार के दौरान इंजेक्शन देने वाले कम्पाउंडर देवीसिंह बावरी के परिजनों ने पुलिस पर उन्हें ज़बरन हिरासत में रखने का आरोप लगाया है.  परिजनों का कहना है कि देवीसिंह को बिना किसी ठोस आधार के थाने में बैठाकर रखा गया है और उनसे मिलने भी नहीं दिया जा रहा. NDTV से बातचीत में देवीसिंह बावरी के परिजनों ने बताया कि दोपहर में उनकी देवीसिंह से बात हुई थी. उस समय देवीसिंह पुलिस थाने में मौजूद थे लेकिन इसके बाद उनसे किसी भी तरह की मुलाकात की अनुमति नहीं दी जा रही है.

परिजनों के मुताबिक देवीसिंह ने उन्हें बताया था कि वे पिछले पांच साल से साध्वी प्रेम बाईसा का इलाज कर रहे थे. जिस दिन इंजेक्शन दिया गया उस दिन भी यह सामान्य उपचार का ही हिस्सा था.

''देवीसिंह को ज़बरन हिरासत में बैठाए रखना गलत''

देवीसिंह के अनुसार इंजेक्शन देने के बाद वे अपने घर चले गए थे. कुछ देर बाद उन्हें फोन आया कि प्रेम बाईसा की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उन्हें निजी हॉस्पिटल ले जाया गया है. परिजनों का कहना है कि देवीसिंह खुद पुलिस के सामने पेश हुए थे. उनका तर्क है कि अगर वे दोषी होते तो स्वेच्छा से पुलिस के सामने क्यों आते. परिजनों ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही देवीसिंह को ज़बरन हिरासत में बैठाए रखना गलत है.

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता सतीश राजपुरोहित ने भी गंभीर आरोप लगाए

इस मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता सतीश राजपुरोहित ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला एक साजिश के तहत रचा गया हो सकता है और इसके पीछे गहरे षड्यंत्र की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. सतीश राजपुरोहित ने मांग की कि पुलिस इस पूरे प्रकरण की गहन और निष्पक्ष जांच करे. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो राज्य सरकार को इस मामले की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए.

''मामले के तार पिछले साल वायरल हुए ब्लैकमेलिंग वीडियो से भी जुड़े हो सकते हैं''

सतीश राजपुरोहित ने यह भी आरोप लगाया कि साध्वी प्रेम बाईसा की संपत्ति हथियाने के उद्देश्य से भी साजिश रची जा सकती है. उन्होंने कहा कि यदि देवीसिंह से पूछताछ की जा रही है तो प्रेम बाईसा के पिता से भी पूछताछ होनी चाहिए. उनका दावा है कि इस मामले के तार पिछले साल वायरल हुए ब्लैकमेलिंग वीडियो से भी जुड़े हो सकते हैं.

आरएलपी नेता ने कहा कि अगर पुलिस ने निष्पक्षता से जांच नहीं की तो लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी लेकिन उससे पहले पुलिस कार्रवाई और हिरासत को लेकर उठ रहे सवालों ने मामले को और गंभीर बना दिया है.

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