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This Article is From Mar 20, 2025

महिला सब इंस्पेक्टर पद नाम नहीं लिख पाने के बाद हुई गिरफ्तार, SOG ने किया होश उड़ा देने वाला खुलासा

एसआई भर्ती परीक्षा-2021 मामले में एसओजी ने प्रोबेशनर महिला सब इंस्पेक्टर को पुलिस लाइन झुंझुनूं से गिरफ्तार किया है. प्रोबेशनर महिला एसआई ने भर्ती परीक्षा के हिन्दी विषय में 200 में से 184 अंक प्राप्त किए थे

महिला सब इंस्पेक्टर पद नाम नहीं लिख पाने के बाद हुई गिरफ्तार, SOG ने किया होश उड़ा देने वाला खुलासा
गिरफ्तार SI मोनिका

Rajsthan SI Paper Leak: राजस्थान में साल 2021 में हुई सब इंस्पेक्टर भर्ती में गड़बड़ झाले से हुई नियुक्ति पर अब तक गिरफ्तार चल रही है. 2021 में भर्ती हुए सभी सब इंस्पेक्टर SOG के रडार पर हैं. ट्रेनिंग के बाद कोर्ट के आदेश के बाद सभी ट्रेनी सब इंस्पेक्टर को पुलिस लाइन में रखा गया है. वहीं पुलिस लाइन झुंझुनूं में एक महिला सब इंस्पेक्टर तब गिरफ्तार की गई जब उसने अपने पदनाम सही से नहीं लिखा. जब इसकी जांच हुई तो SOG ने महिला सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया और मामले में होश उढ़ा देने वाले खुलासे किये.

एसआई भर्ती परीक्षा-2021 मामले में एसओजी ने प्रोबेशनर महिला सब इंस्पेक्टर को पुलिस लाइन झुंझुनूं से गिरफ्तार किया है. प्रोबेशनर महिला एसआई ने भर्ती परीक्षा के हिन्दी विषय में 200 में से 184 अंक प्राप्त किए थे और 34वीं रैंक हासिल की थी. इसके बावजूद जब पुलिस लाइन झुंझुनूं में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र लिख कर दिया तो उसमें अपना पदनाम तक सही नहीं लिख पाई. 

मोनिका को मिला था 34वां रैंक

एसओजी के अनुसार एसआई भर्ती परीक्षा-2021 में चयनित उप निरीक्षक पुलिस प्रोबेशनर मोनिका पत्नी विकास जाट, निवासी तारपुरा दादिया-सीकर को गिरफ्तार किया है. जिसके बाद खुलासा हुआ है कि मोनिका ने ब्लूटूथ डिवाइस से नकल की थी. इसके लिए नकल गिरोह के सरगना पौरव कालेर को 15 लाख रुपए दिए थे. मोनिका का एसआई भर्ती परीक्षा का सेंटर अजमेर आया था. उसने 15 सितंबर 2021 को परीक्षा दी थी. पौरव कालेर ने ब्लूटूथ से उप निरीक्षक पुलिस की लिखित परीक्षा की दोनों पारियों में पेपर पढ़वाया था. इसके चलते मोनिका ने हिन्दी विषय में 200 में से 184 अंक और सामान्य ज्ञान विषय में 200 में से 161 अंक प्राप्त किए थे. जब मोनिका इंटरव्यू में बैठी तो मात्र 15 अंक प्राप्त हुए, लेकिन लिखित परीक्षा में अच्छे अंक आने से 34वीं रैंक लगी और चयनित हो गई.

मोनिका द्वारा लिखा गया एप्लीकेशन

मोनिका द्वारा लिखा गया एप्लीकेशन

पौरव कालेर की गिरफ्तारी के बाद गायब थी मोनिका

एसओजी की मानें तो मोनिका ने भी स्वीकार किया है कि पौरव कालेर को इसके लिए 15 लाख दिए थे. एसओजी द्वारा पौरव कालेर को गिरफ्तार करने पर मोनिका पुलिस अकादमी जयपुर से ट्रेनिंग के दौरान फरार हो गई थी. वह 5 जून 2024 से 2 जुलाई 2024 तक मेडिकल पर रही. इसके बाद कोई मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं दे पाई. मोनिका ने पुलिस लाइन झुंझुनूं में वापस आकर अपनी आमद करवाने के लिए 11 नवंबर 2024 को हिंदी में प्रार्थना पत्र लिखा था. इसमें मोनिका ने कुल 20 लाइनें लिखी हैं. इसमें मोनिका ने निरीक्षक, प्रोबेशनर, डॉक्यूमेंट, झुंझुनूं सहित कुल 13 शब्द अशुद्ध लिखे. मोनिका ने प्रार्थना-पत्र में लिखा कि मैं मेडिकल लीव पर थी. खबरें छपने से मैं डर गई थी, इसलिए अकादमी नहीं गई.

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