
Ajmer Sharif Dargah: ख्वाजा गरीब नवाज के 812 वें उर्स के मौके पर अजमेर दरगाह में काफी चहल पहल देखने को मिल रही है. 12 जनवरी से अगले 6 दिन तक जन्नती दरवाजा खुला रहेगा. दरगाह को उर्स के मौके पर रंग बिरंगी लाइटों से दुल्हन की तरह सजाया गया है. संदल जायरीन में बांटने की रस्म गुरुवार रात को अदा की गई. चांद दिखने के बाद उर्स की विधिवत शुरुआत होगी. इस मौके पर दरगाह पर सालभर चढ़ने वाला संदल उतारा गया.
1 साल में 4 बार खुलता है जन्नती दरवाजा
साल भर में जन्नती दरवाजा 4 बार खोला जाता है. उर्स में यह दरवाजा 6 दिनों के लिए खोला जाता है, जो कि सबसे अधिक है. एक दिन ईद-उल-फितर के मौके पर एक दिन बकरा-ईद के मौके पर और एक दिन ख्वाजा साहब के गुरु हजरत उस्मान हारुनी के सालाना उर्स के मौके पर यह जन्नती दरवाजा खोला जाता है.

दरवाजे के बाहर ही सो जाते जायरीन
दरगाह जियारत को आने वाले जैन जन्नती दरवाजे से जियारत करने के लिए काफी उत्सुक और बेकरार नजर आते हैं. जाहिल सर पर मखमल की चादर और फूलों की टोकरी के लिए अपनी बारी का भी इंतजार करते रहते हैं. कड़ाके की ठंड में कई जायरीन जन्नती दरवाजे के अंदर से सबसे पहले गुजरने के लिए दरवाजे के बाहर ही सो जाते हैं.
कई दिनों से चली आ रही परंपरा
पुरानी परंपराओं के अनुसार जन्नती दरवाजा उर्स में आने वाले जायरीन के लिए खोला जाता है. जन्नती दरवाजा खुलने के बाद जेलें इसके अंदर से गुजरते हुए ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में हाजरी देते है. बरसों पुरानी चली आ रही इस परंपरा के अनुसार जन्नती दरवाजा कल की रस्म के साथ 6 रजब को बंद कर दिया जाता है. जन्नती दरवाजे पर साल भर जरीन मन्नत का धागा बांधते हैं.

रंगबिरंगी लाइटों से सजायी गई दरगाह
वहीं इस खास मौके पर दरगाह को दुल्हन की तरह सजाया गया. रात में दरगाह के हर परिसर और इमारत पर लगी रंग बिरंगी रौशनी रूहानी माहौल में चार चांद लगा रही थी. दरगाह परिसर में हर तरफ रंग बिरंगी रोशनिया नजर आ रही है. वहीं गुंबद शरीफ पर भी रोशनी से सजावट की गई. खादिम कुत्तुबुद्दीन सखी ने बताया कि हर साल की तरह उर्स के मौके पर दरगाह के निजाम गेट बुलंद दरवाजा सहित तमाम इमारत को अंजुमन कमेटी की ओर से रौशनी और सजावट की गई है.
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