
राजस्थान की कोचिंग सिटी कोटा में इस साल अभी तक 23 छात्रों ने आत्महत्या की है. बीते रविवार को भी दो छात्रों ने सुसाइड कर लिया था. कोटा में लगातार हो रहे सुसाइड के मामले पर अब प्रदेश का सियासी पारा भी गरमा गया है. चुनाव पूर्व कोटा सुसाइड के मामले में भाजपा गहलोत सरकार को घेर रही हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को प्रदेश बीजेपी कार्यलय में बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रेस कांफ्रेंस कर कोटा में हो रही कोचिंग स्टूडेंट्स की आत्महत्या का मामला उठाया. राठौड़ ने कोटा सुसाइड के लिए गहलोत सरकार को जिम्मेदार बताया.
बेतुके बयान के लिए मंत्रियों को लगाई लताड़
बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता राज्यवर्धन राठौड़ ने प्रदेश बीजेपी कार्यलय में प्रेस कांफ्रेंस कर गहलोत सरकार के मंत्रियों के द्वारा दिए गए अनर्गल बयानों को बेतुका बताया. उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के एक मंत्री कहते हैं कि कोचिंग को बैन कर देना चाहिए, एक मंत्री कहते हैं कि डंडे से सुधार देंगे और एक मंत्री कहते हैं कि मोबाइल से आत्महत्या कर रहे हैं. राठौड़ ने आगे कहा कि बच्चे जान दे रहे हैं इसकी जिम्मेदारी सरकार की है.
बच्चों को जज नहीं करें... परिजनों से बोले राठौड़
राज्यवर्धन राठौड़ ने छात्रों के परिजनों से कहा कि अपने बच्चों को जज ना करें जज करने के लिए पूरी दुनिया है। बता दें कि कोटा में हो रहे सुसाइड के पीछे पढ़ाई के साथ-साथ मां-बाप की उम्मीदों का बोझ भी एक बड़ा कारण है. इस प्रेशर को बच्चे झेल नहीं पाते और आत्मघाती कदम उठा लेते हैं.
दो महीने तक कोटा में कोई टेस्ट नहीं
कोटा में अबतक कोचिंग संस्थानों में अब तक 23 छात्रों ने आत्महत्या कर ली है. हाल ही में कोटा जिला कलेक्टर ने कहा कि अब दो महीने तक कोटा में कोचिंग सेंटर में कोई टेस्ट नहीं होगा. किसी तरह का कोई एग्जाम कंडक्ट नहीं कराया जाएगा. संडे को तो बिल्कुल नहीं। इसके अलावा ये भी तय किया कि हफ्ते में एक दिन फन-डे की तरह सेलिब्रेट होगा. उस दिन बच्चों को सिर्फ आधा दिन पढ़ाई करवाई जाए, बाकी वक्त मस्ती.