Rajasthan News: राजसमंद में आबकारी नियमों और सरकार के आदेशों की मंगलवार (31 मार्च) को खुलेआम धज्जियां उड़ते दिखी. सरकार ने महावीर जयंती के दिन ड्राई डे यानी शराब नहीं बेचने का ऐलान किया था. साथ ही भांग, गांजा,अफीम जैसे कोई भी मादक पदार्थ हो उसकी खरीद या बिक्री नहीं किया जा सकती. इसके लिए आबकारी विभाग ने सभी ठेकों पर सील बनाकर लगवाई थी. लेकिन आबकारी विभाग के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ी.
शटर खोलकर शराब बेचते दिखे दुकानदार
31 मार्च को आबकारी विभाग के वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन भी है. 1 अप्रैल से अब नए ठेके नवीनिकरण होकर अपना व्यापार संभालेंगे. लेकिन महावीर जयंती के दिन भी राजसमंद नगर परिषद क्षेत्र के लगभग सभी ठेकों पर शराब की खुलेआम बिक्री होती रही. बल्कि आम दिनों की अपेक्षा इस दिन के लिए शराब आदमियों दुकानों पर विशेष टीम को लगाया गया. जहां एक सेल्समैन शराब की दुकान में बैठ गया और नीचे से थोड़ा शटर खुला रखा. इसका वीडियो भी सामने आया है.
सील कर जिम्मेदारी से दूर हुए अधिकारी
मजे की बात तो यह है की आबकारी विभाग को अपने दुकानदारों पर इतना भरोसा है कि उन्होंने सील चिट बनाकर दुकानों पर लगवा दी और अपनी जिम्मेदारी से खुद को दूर कर लिया. जबकि नियमानुसार उन्हें इन दुकानों पर लगातार निगरानी करते हुए शराब बेचते पाए जाने पर जुर्माना लगाकर सख्त कार्रवाई करनी होती है. तस्वीरें जो सामने आई है वह कांकरोली थाना और पुलिस चौकी के बराबर में बने हुए हैं. पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी भी बराबर आना-जाना कर रहे हैं लेकिन निजी लाभ के चलते इस तरफ से आंखें बंद रखते हैं.
इस पूरे काले कारोबार के बीच आबकारी विभाग पुलिस और शराब ठेकेदार की मिली भगत उजागर होती है. अब यह मामला उजागर होने के बाद देखना यह है कि आबकारी विभाग क्या एक्शन लेता है.
यह भी पढ़ेंः राजस्थान में पुलिस और गौ तस्करों के बीच मुठभेड़, दोनों तरफ से हुई फायरिंग