Rajasthan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए लोक सेवकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को मंजूरी दी है. मुख्यमंत्री ने अभियोजन स्वीकृति, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए और विभागीय जांच से जुड़े 50 से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया है. सरकार ने जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है. इससे प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया है.
इनके ख़िलाफ़ हुई कार्रवाई
निजी व्यक्तियों को अवैध लाभ पहुंचाने के आरोप में तत्कालीन उपखंड अधिकारी सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के दो अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति दी गई है. वहीं न्यायालय से दोषसिद्ध होने के आधार पर कृषि उपज मंडी समिति के एक तत्कालीन सचिव को राज्य सेवा से पदच्युत कर दिया गया है. लंबे समय से अनुपस्थित रहने के कारण एक अन्य अधिकारी को भी राजकीय सेवा से हटा दिया गया है.
कई अधिकारियों की वेतन वृद्धियां रोकी गई
इसके अलावा पद के दुरुपयोग, अनियमित भुगतान और राजकोष को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एक तत्कालीन विकास अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच की अनुमति दी गई है. साथ ही कई अधिकारियों की वेतन वृद्धियां रोकी गई हैं और कुछ मामलों में पेंशन रोकने तथा विभागीय जांच के निर्देश भी दिए गए हैं.
इसके अलावा एक मामले में अभियोजन स्वीकृति के स्थान पर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं और दो मामलों में अभियोजन से इनकार करते हुए विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं. वहीं विभागीय जांच के तीन मामलों में अधिकारियों को दोषमुक्त करने का भी अनुमोदन किया गया है.
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