
Rajasthan News: राजस्थान में बीजेपी और कांग्रेस के बीच योजनाओं को लेकर जबरदस्त सियासी दंगल चल रहा है. इस दंगल की गूंज अब राजस्थान विधानसभा सत्र के दौरान भी दिखने वाली है. 19 जनवरी से विधानसभा सत्र शुरू होने वाला है. वहीं, सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अपनी कमर कस ली है. जहां कांग्रेस जनकल्याण पूर्व योजना को बचाने के लिए सरकार को घेरेगी. वहीं भजन लाल सरकार के मंत्री कांग्रेस की योजनाओं को बदलने की पूरी तैयारी में रहेंगे. इस बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर को चिंरजीवी योजना में 8 लाख रुपये से ज्यादा का फायदा नहीं लेने के आरोप पर जवाब दिया है.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बयान पर पलटवार किया है और कहा है कि सरकार चिरंजीवी योजना को बदनाम करना चाहती है. जबकि मैं उन्हें गिनती करवाऊंगा कि कितने लोगों ने 15 लाख रुपये तक का इलाज करवाया है.
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह ने क्या कहा था
दरअसल, पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर में जोधपुर दौरे के दौरान मीडिया से स्वास्थ्य व्यवस्था और चिरंजीवी योजना के बारे में बात की थी. उन्होंने कहा, इस योजना में 25 लाख रुपये देने की बात कही गई है लेकिन ये केवल लॉलीपॉप है. लेकिन इसमें 8 लाख रुपये से ज्यादा फायदा किसी को नहीं मिला है. पिछली सरकार ने चिरंजीवी में बढ़ा-चढ़ाकर बोला है, वह हम नहीं कर सकते.
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मीडिया के सामने बैठ जाएं, मैं 50 से अधिक केस बताऊंगा
गजेंद्र सिंह खींवसर के इसी बयान पर डोटासरा ने पलटवार किया. डोटासरा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक में हिस्सा लेने आए थे. इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने बयान दिया कि यह फर्जी योजना है. 5 लाख और 8 लाख की बात कर रहे हैं. वे मीडिया के सामने बैठ जाएं, मैं 50 से अधिक केस बताऊंगा. चिरंजीवी योजना में 15 -15 लाख रुपए मिले हैं. मेरे पास आएं मैं बताऊंगा कि 8 लाख से अधिक किसको मिले हैं. ये हमारी योजनाओं को बंद कर के जनता को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं. हमारी कांग्रेस की योजनाएं जरूर हैं लेकिन जनता के हित की योजना हैं.
विधानसभा सत्र को लेकर उन्होंने कहा कि जनता के मुद्दो पर लड़ेंगे. सड़क से सदन तक लड़ेंगे. हमारी योजनाओं को बंद नहीं कर पाएं, यह हमारी जिम्मेदारी रहेगी। लोकसभा में हमारे ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवार जीतेंगे. इसलिए हमने यह सवाल पूछा है कि इन योजनाओं पर सरकार का क्या विचार है.
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