Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में गुरुवार को नोहर बाईपास की सड़कों का मुद्दा छाया रहा. महज 15 किलोमीटर की सड़क के एलाइनमेंट में हुए बदलाव ने सदन के भीतर राजनीतिक माहौल गरमा दिया. विपक्ष ने जहां इसे 'चहेतों को फायदा' पहुंचाने का जरिया बताया, वहीं सरकार ने इसे सुरक्षा से जुड़ा फैसला करार दिया.
दो काश्तकारों के विरोध पर बदला गया नक्शा?
विधायक मनोज कुमार ने सदन में सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा. उन्होंने पूछा कि आखिर किन राजनीतिक दबावों के कारण प्रस्तावित चौराहे को टी-जंक्शन (T-Junction) में बदल दिया गया? विधायक का दावा था कि 15 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण में केवल दो काश्तकारों ने आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पूरा एलाइनमेंट ही बदल दिया गया. उन्होंने उन किसानों के मुआवजे का मुद्दा भी उठाया जिनकी जमीन का म्यूटेशन पहले ही PWD के नाम हो चुका था.
राजनीति नहीं, रोड सेफ्टी है वजह: दिया कुमारी
सवालों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री और PWD मंत्री दिया कुमारी ने स्पष्ट किया कि एलाइनमेंट में बदलाव किसी के दबाव में नहीं किया गया है. उन्होंने सदन को बताया, '31 जुलाई 2024 को कमेटी द्वारा की गई जांच के बाद ही नया फैसला लिया गया था. नया एलाइनमेंट रोड सेफ्टी की रिपोर्ट आने के बाद ही तैयार किया गया है ताकि भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका न रहे.' डिप्टी सीएम ने साफ किया कि इस बदलाव से प्रोजेक्ट की लागत में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और जहां म्यूटेशन हो चुका है, वहां नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है.
जूली का आरोप, सदन को गुमराह कर रही सरकार
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सरकार के जवाब से संतुष्ट नजर नहीं आए. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तथ्यों को छिपा रही है. जूली ने पूछा कि आखिर वे कौन लोग थे जिन्होंने कमेटी में एलाइनमेंट बदलने की सिफारिश की? उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि पहले जो एलाइनमेंट सही था, वह अचानक गलत कैसे हो गया? जूली ने आरोप लगाया कि यह सब चहेते लोगों की जमीन बचाने और उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए किया गया है.
'कोई गड़बड़ी की शिकायत है तो जांच कराएंगे'
भारी शोर-शराबे के बीच उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि अगर कहीं कोई गड़बड़ी की शिकायत है, तो सरकार उसकी जांच करवाने के लिए तैयार है. फिलहाल नए एलाइनमेंट पर काम शुरू कर दिया गया है ताकि नोहर की जनता को जल्द से जल्द बाईपास की सुविधा मिल सके.
ये भी पढ़ें:- 'मैला ढोना मंजूर किया..पर धर्म नहीं बदला', जोधपुर में संत उमेश गिरी बोले- घर वापसी करने वालों से हमें कोई फायदा नहीं