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This Article is From Dec 28, 2023

हिंदी भाषा को कामकाजी भाषा बनाना चाहिए तभी होगा लाभ - कालराज मिश्र

मिश्र गुरुवार को जोधपुर में राजभाषा सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में संबोधित कर रहे थे. जिसमें उन्होंने हिंदी के बीते कल आज और आने वाले कल के बारे में अपने विचार रखे.

हिंदी भाषा को कामकाजी भाषा बनाना चाहिए तभी होगा लाभ - कालराज मिश्र
राज्यपाल कलराज मिश्र
जोधपुर:

Rajasthan News: राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर जोधपुर में रहे. जोधपुर के करवड़ स्थित IIT परिसर में भारत सरकार के गृह मंत्रालय (राजभाषा विभाग) की ओर से उत्तर क्षेत्रीय संयुक्त राजभाषा सम्मेलन का आयोजन किया गया. जहां राजभाषा सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में उन्होंने शिरकत की. इसमें देश के दस राज्यों से कर्मचारी पहुंचे. राज्यपाल मिश्र ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हिंदी मात्र भाषा नहीं बल्कि संस्कृति और भारतीयता का गौरव है.

 राजभाषा सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह

राजभाषा सम्मेलन में पुरस्कार वितरण करते राजयपाल 

मिश्र गुरुवार को जोधपुर में राजभाषा सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि स्वाधीनता आंदोलन के दौरान हिंदी ने पूरे देश को एकजुट रख कर देशवासियों में राष्ट्र प्रेम और स्‍वाभिमान की अद्भुत भावना जागृत करने में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने स्‍वतंत्रता संग्राम के दौरान स्‍वराज, स्‍वदेशी और स्‍वभाषा की चर्चा करते हुए कहा कि बिना स्‍वदेशी व स्‍वभाषा के स्‍वराज सार्थक नहीं होगा.

सरकार की कल्‍याणकारी योजनाएं तभी प्रभावी बन सकेंगी जब आम जनता उनसे लाभान्‍वित होगी उन्होंने इसके लिए हिंदी को काम-काज की भाषा बनाए जाने पर जोर दिया.
 राजभाषा सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह

राजभाषा सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में उपस्थित सभी अतिथि 

विश्व में सर्वश्रेष्ठ भाषाओं में एक

महामहिम राज्यपाल मिश्र ने कहा कि हिंदी विश्व में सर्वश्रेष्ठ भाषाओं में एक है. अपनी सरलता, सहजता एवं व्‍यापकता के कारण पूरे देश में संपर्क भाषा के रूप में स्‍थापित हो गई है. संविधान ने भी हम सब पर राजभाषा हिंदी के विकास और प्रयोग-प्रसार का दायित्‍व सौंपा है. यह कार्य सभी के सहयोग और सद्भावना से ही संभव है. उन्होंने हिंदी के शब्‍द भंडार को निरंतर समृद्ध करने, हिंदी को तकनीक से आगे बढ़ाने और इसे विश्व अनुवाद की भाषा के रूप में विकसित किए जाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हमारी व्‍यवस्‍था लोकतांत्रिक और जन-कल्‍याणकारी है.

प्रौद्योगिकी से जोड़ने का किया आह्वान

राज्यपाल ने प्रौद्योगिकी से हिंदी को अधिकाधिक जोड़ने का आह्वान किया है. इस दौरान केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने कहा कि भारत की संस्कृति को समझने के लिए भारत की भाषा को समझना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि 
संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता से आगे बढ़ने का आह्वान किया है. उन्होंने कहा की नई शिक्षा नीति इसी दिशा का एक सशक्त प्रयास है. आज हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं का प्रयोग और सम्मान बढ़ रहा है.

राज्यपाल ने कहा कि हिंदी ने स्‍वतंत्रता आंदोलन के दौर से लेकर वर्तमान काल तक भारत के सांस्‍कृतिक एवं जीवन मूल्‍यों को एक सूत्र में पिरोए रखा है.
 राजभाषा सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह

राजभाषा सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में पुस्तक का विमोचन भी किया गया.

‘हिन्दी शब्द सिंधु', शब्‍दकोश का निर्माण किया जा रहा

कार्यक्रम में राजभाषा विभाग के सचिव अंशुली आर्या ने कहा कि देश की अन्य भाषाओं से हिंदी को समृद्ध करने की दिशा में ‘हिन्दी शब्द सिंधु', बृहत् शब्‍दकोश का निर्माण किया जा रहा है. इसमें विभिन्न विषयों – जनसंचार, आयुर्वेद, खेलकूद, अंतरिक्ष विज्ञान, भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, वैमानिकी, कंप्यूटर, इलैक्ट्रॉनिक्स भूगर्भशास्त्र, मानविकी आदि से संबंधित शब्दावली के साथ-साथ पारंपरिक शब्दावली को भी समाहित किया जा रहा है.

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