भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 50 किलोमीटर क्षेत्र में चल रहे 'ऑपरेशन क्लीन' को लेकर सियासी घमासान तेज है. बाड़मेर और फलोदी के बाद अब जैसलमेर में भी कार्रवाई की तैयारी है. 250 साल पुरानी मेहमूद शाह पीर जिलानी दरगाह को भी नोटिस दिया गया है. इसके अलावा भी कई स्थानों पर नोटिस जारी किए जाने की खबरें हैं. इस बीच कांग्रेस नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं. वहीं, बीजेपी ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा जरूरी कदम बताते हुए कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान की पहचान 36 कौम के भाईचारे, आपसी विश्वास और सामाजिक सौहार्द से रही है. सीमा की सुरक्षा केवल हथियारों से नहीं बल्कि वहां रहने वाले लोगों के विश्वास और सहयोग से भी मजबूत होती है.
उम्मेदाराम बेनीवाल संसद में मुद्दा उठाएंगे
हरीश चौधरी ने कहा कि तनोट माता मंदिर से लेकर रामगढ़ क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत तक, सभी समुदायों ने मिलकर इस क्षेत्र की पहचान बनाई है. अब रिकॉर्ड खंगालकर नोटिस जारी किए जा रहे हैं. सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने भी कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई मामलों में लोगों को पर्याप्त समय दिए बिना नोटिस थमाए जा रहे हैं. राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर राजनीतिक द्वेष नहीं होना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि आगामी मानसून सत्र में इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा. थार का सीमावर्ती क्षेत्र हमेशा शांतिप्रिय रहा है और यहां के लोगों ने हर परिस्थिति में सेना और सुरक्षा बलों का साथ दिया है.
पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद बोले- सरकार को कार्रवाई का पूरा अधिकार
पूर्व कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को कानून के तहत कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है, लेकिन सीमावर्ती इलाकों की सामाजिक और भौगोलिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. यहां बड़ी संख्या में पशुपालक और किसान रहते हैं और क्षेत्र का भाईचारा इसकी सबसे बड़ी ताकत है. राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
बालमुकुंद आचार्य ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी पर हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सीमा से सटे क्षेत्रों में अवैध और नियम विरुद्ध निर्माण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं. सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की जा रही कार्रवाई जरूरी है. यह अभियान किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है. साथ ही कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप भी लगाया.
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