
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र कोटा-बूंदी प्रवास पर शहर पहुचे. इस दौरान ओम बिरला ने तेजा दशमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर तेजाजी मेले में आयोजित कार्यक्रमों में शिरकत की.

केशवपुरा स्थित वीर तेजाजी मंदिर में मत्था टेकने के बाद स्पीकर बिरला ने वहां कीर्तन में हिस्सा लिया. इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा कि तेजाजी महाराज गौरक्षक थे. उन्होंने आजीवन वचनबद्धता निभाई. साथ ही सत्य के मार्ग पर चले. उनका जीवन हमें भी प्रेरित करता है कि हम स्वयं, समाज और देश के प्रति जो भी संकल्प लें, उसको सिद्धी तक पहुंचाएं
उन्होंने कहा कि केशवपुरा एक लघु धार्मिक नगरी है. जो शहर के मध्य में होते हुए भी ग्रामीण संस्कृति और परम्पराओं को संजोए हुए है. यहां के लोगों में अब भी वही प्रेम और अपनत्व है. जो ग्रामीणों में दिखाई देता है.

यही कारण है कि केशवपुरा में जब भी कोई कार्यक्रम होता है, वहां आने से मैं स्वयं को रोक नहीं पाता हूं. इसी प्रकार गोबरिया बावड़ी और अनन्तपुरा में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि तेजाजी महाराज ने हमें जो संस्कार दिए उसका ही परिणाम है कि हम गौ रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हुए. साथ ही उन्होंने हमें सत्य और वचनबद्धता के मार्ग पर चलने की राह दिखाई.
हमने विकसित भारत के निर्माण को जो संकल्प लिया है, उसे भी सामूहिक प्रयासों से पूरा करना है. और भारत को विश्व गुरु बनाना है.
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