
महिला सुरक्षा को लेकर अक्सर विपक्ष के निशाने पर रहने वाली प्रदेश की कांग्रेस सरकार भले ही महिला सुरक्षा के तमाम दावे करती है, लेकिन गाहे-बगाहे प्रदेश में महिला अपराध को लेकर सरकारी दावों पर सवाल उठ जाते हैं. ताजा उदाहरण हनुमानगढ़ जिले का है, जहां एक दुष्कर्म पीड़िता न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर धरने पर बैठी है.
दुष्कर्म पीड़िता ने महिला थाने में विद्युत विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता के खिलाफ दुष्कर्म मामला दर्ज किया, लेकिन आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने अब उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर धरने के लिए लिए मजबूर होना पड़ा है. पीड़िता ने गत 5 अगस्त को महिला थाना में विद्युत विभाग के जेईएन रामगोपाल शर्मा पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया था, लेकिन आरोपी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, उल्टा थाना अधिकारी उसके साथ दुर्वव्यवहार कर रहे हैं.
पीड़िता ने बताया कि दुष्कर्म आरोपी रामगोपाल शर्मा उस पर मुकदमा वापस लेने का दबाव डाल रहा है. पीड़िता ने कहा कि अगर पुलिस ने आरोपी पर कार्रवाई नहीं की तो वह जयपुर में सीएम हाउस पर धरना देगी. पीड़िता ने आरोपी जेईएन की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा था, इसमें जांच अधिकारी बदलने के साथ कार्रवाई की गुहार लगाई थी.
तलवाड़ा क्षेत्र हाल जंक्शन में रहने वाली पीड़िता का आरोप है कि डिस्कॉम जेईएन रामगोपाल ने डरा-धमकाकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। इस संबंध में उसने गत 5 अगस्त को महिला थाने में केस आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था, लेकिन धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज होने के बावजूद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही है.
एक ओर जहां अब आरोपी पक्ष के लोग पीड़िता व उसके परिजनों पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं, तो दूसरी ओर जांच अधिकारी पर आरोप है कि वो इस प्रकरण में कार्रवाई की बजाय पीड़िता पर राजीनामा का दबाव बना रहा है. हालांकि इस पर मामले की केस फाइल तलब कर पुलिस अधीक्षक ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन जरूर दिया था.
गौरतलब है थाने में मामला दर्ज हुए को एक महीना से अधिक बीत चुका है, लेकिन दुष्कर्म आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़िता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है. विडंबना ये है कि पीड़िता जहां धरने पर बैठी है, लेकिन उसी रास्ते से धरने पर बैठी पीड़िता की सुनवाई कोई नहीं कर रहा है.