
Rajasthan News: जयपुर नगर निगम ने उत्कर्ष कोचिंग संस्थान की बिल्डिंग को गैस लीक मामले की जांच पूरी होने तक सील कर दिया है. नगर निगम ने यह फैसला सोमवार सुबह फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के साथ बिल्डिंग की शुरुआती जांच के बाद लिया है. अब नगर निगम की टीम यह जांच करेगी कि कोचिंग संस्थान ने किन नियमों की अवहेलना की है. वहीं FSL की टीम यह जांच करेगी कि आखिर वह कौन सी गैस थी, जिसकी वजह से बच्चे बेहोश हुए, और वो गैस कहां से आई?
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— Avdhesh Pareek (@Zinda_Avdhesh) December 16, 2024
'छात्रों का धरना अब भी जारी'
सोडाला एसीपी योगेश ने NDTV राजस्थान से बातचीत में कहा, 'जांच के बाद ही घटना के सही कारणों का पता चल पाएगा. कल हमें शुरुआती जांच में बच्चों से बातचीत के बाद जो कारण पता लगे थे, उसे बताया था. लेकिन सटीक वजह लोगों को पता लगनी चाहिए. जल्द ही एफएसएल की टीम यह जांच पूरी कर लेगी, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल कोचिंग संस्थान के बाद छात्रों का धरना चल रहा है. इसके मद्देनजर हमने भारी सुरक्षाबलों की यहां तैनाती की है, ताकि किसी भी स्थिति में लॉ एंड ऑर्डर को मेंटेन रखा जा सके.'

उत्कर्ष कोचिंग के बाहर धरने पर बैठे छात्र.
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2 घंटे तक जांच, नहीं दे पाए सवालों के जवाब
कोचिंग बिल्डिंग सील करने से पहले नगर निगम की टीम करीब 2 घंटे तक अंदर जांच करती रही. बाहर आकर नगर निगम के अधिकारी ने मीडिया से बातचीत की. ताज्जुब उस वक्त हुआ तब वो यह तक नहीं पता कर पाए कि हॉल ने एंट्री और एग्जिट का एक गेट है या अधिक. स्टूडेंट्स का कहना था कि उस हॉल में एक ही गेट था. लेकिन जब NDTV राजस्थान ने अधिकारी से इस बारे में सवाल पूछा तो उपायुक्त लक्ष्मीकांत कटारा ने सिर्फ यही कहा कि यह जांच का विषय है.

नगर निगम उपायुक्त लक्ष्मीकांत कटारा.
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'कोई स्टूडेंट स्प्रे लेकर आया हो और...'
नगर निगम की टीम यह भी पता नहीं कर पाई है कि संस्थान किन नियमों की पालना कर रहा था और किनकी अवहेलना. FSL की टीम भी मौके से निकल गई है, और उन्होंने भी कुछ कहने से इनकार किया. अधिकारी बार बार यह दोहरा रहे हैं कि सीवर लाइन की गंध वहां तक नहीं पहुंच सकती. उपायुक्त लक्ष्मीकांत कटारा ने कहा कि संभव है कि कोई विद्यार्थी ऐसा स्प्रे लेकर आया हो, जिसकी वजह से विद्यार्थी बेहोश हुए हों. लेकिन अभी जांच होने तक कुछ भी स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता.'
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