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जयपुर: मंत्री किरोड़ी लाल मीणा फिर एक्शन मोड़ में, खाद-बीज फैक्ट्री में छापा मारकर जब्त किए नमूने

जयपुर के हीरावाला रीको एरिया स्थित बायो फर्टिलाइजर्स फैक्ट्री पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने छापेमारी की. जिसके बाद नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है. 

जयपुर: मंत्री किरोड़ी लाल मीणा फिर एक्शन मोड़ में, खाद-बीज फैक्ट्री में छापा मारकर जब्त किए नमूने
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर में की छापेमारी.

Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति में एक तरफ तो कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं. वहीं वह फिर से एक्शन मोड में आ चुके हैं. इसी क्रम में जयपुर के कानोता स्थित हीरावाला रीको औद्योगिक क्षेत्र में संचालित 'जयपुर बायो फर्टिलाइजर्स' फैक्ट्री पर मंत्री ने अचानक छापा मारा. इस औचक निरीक्षण के दौरान बहुत सी खामियां सामने आईं, जिनकी जांच की जा रही है. 

तापमान का खेल और घटिया गुणवत्ता

मंत्री ने जब फैक्ट्री के भीतर जाकर जांच की तो पाया कि जैविक उर्वरक निर्माण के निर्धारित मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं. विशेषज्ञों के अनुसार, जैविक खाद के सूक्ष्मजीवों को सुरक्षित रखने के लिए निर्माण के समय तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए. लेकिन मौके पर इसे 45 डिग्री सेल्सियस पर तैयार किया जा रहा था. इतनी गर्मी में खाद के लाभकारी तत्व पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं. साफ है कि किसानों को खाद के नाम पर मिट्टी बेची जा रही थी.

लेबलिंग का बड़ा फर्जीवाड़ा

जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी उपभोक्ताओं को गुमराह करने के लिए उत्पादों पर भ्रामक जानकारी लिख रही थी. दानेदार जैविक उर्वरक की शेल्फ लाइफ आमतौर पर 6 महीने की होती है, लेकिन इन लोगों ने पैकिंग पर 24 महीने तक उपयोग करने की एक्सपायरी डेट डाल रखी थी. इसके अलावा, कच्चे माल के रख-रखाव में भारी अव्यवस्था पाई गई और उन पर कोई भी पहचान संबंधी लेबल नहीं थे. यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा 19 का सीधा उल्लंघन है.

किसानों के साथ नहीं होने देंगे खिलवाड़

मौके पर मौजूद खाद के सीलबंद कट्टों को मंत्री ने खुद अपने सामने खुलवाया और गुणवत्ता की परख की. अधिकारियों ने मौके से नमूने जब्त कर लिए हैं जिन्हें लैब में परीक्षण के लिए भेजा गया है. मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने साफ शब्दों में कहा कि किसानों की मेहनत की कमाई के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदेश में नकली खाद और बीज बनाने वालों के खिलाफ यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरी तरह भ्रष्टाचार खत्म नहीं हो जाता.

जांच सही तो लाइसेंस होगा रद्द 

इससे पहले भी मंत्री सीकर, चौमू और जोधपुर जैसे क्षेत्रों में ऐसी फैक्ट्रियों पर कार्रवाई कर चुके हैं. अब हीरावाला की इस फैक्ट्री से लिए गए नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है. यदि रिपोर्ट में गड़बड़ी साबित होती है तो फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ गंभीर कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी.

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