Ajmer Road Petrol Pump Fire News : जयपुर में एक पेट्रोल पंप के बाहर एक सीएनजी टैंकर और ट्रक की टक्कर के बाद आग लगने के हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 35 लोग घायल हैं जिनमें कुछ की स्थिति गंभीर है. यह दुर्घटना सुबह सवा पांच बजे के आस-पास जयपुर-अजमेर हाईवे पर हुई जो एक व्यस्त इलाका है. वहां एक ट्रैफिक प्वाइंट की लाइट पर एक LPG टैंकर यूटर्न ले रहा था. तभी सामने से दूसरा ट्रक आ रहा था. उस ट्रक ने पीछे से टैंकर में टक्कर मार दी. इसके बाद बड़ा धमाका हुआ और टैंकर में आग लग गई. धमाका इतना बड़ा था आस-पास 800 मीटर के दायरे में जितनी गाड़ियां थीं वो इसकी चपेट में आ गईं. इनमें एक दर्जन ट्रक, 7-8 छोटी गाड़ियां, कार और बाईक में आग लग गई. दो बसों में भी आग लग गई और उनमें सवारियां बैठी थीं.

हादसे में जली प्रत्यक्षदर्शी की कार
इस दुर्घटना के बारे में मौके पर मौजूद एनडीटीवी संवाददाता वीरेंद्र शेखावत ने एक प्रत्यक्षदर्शी से बात की जो हादसे में बाल-बाल बच गए. प्रत्यक्षदर्शी विवेक ने बताया कि वहां आज सुबह क्या हुआ -
"जिस टैंकर में ब्लास्ट हुआ वो हमारे सामने हुआ"
"मैं ऑफिस से आ रहा था. सब मेरे सामने हुआ. सवा 5 -साढ़े 5 बजे का समय था. मैं अपने ऑफिस महिंद्रा मेटलाइफ़ से लौट रहा था. इस कट पर आमतौर पर जाम लगा रहता है क्योंकि यहां से ट्रक टर्न लेते हैं. हमलोग पीछे से आ रहे थे, यहां गाड़ियां रुकी हुई थीं. हमें लगा कि कोई ट्रक मुड़ रहा होगा. हमने पास आकर ब्रेक लगाया. हमने देखा कि पास ही में इंडेन गैस के एक ट्रक से धुआं निकल रहा था और हमें लगा कि गैस लीक हो रही है. हमने ये देखते ही जैसे ही कार रिवर्स करने की कोशिश की, धमाका हो गया.
"मैं जैसे-तैसे सीट बेल्ट खोलकर रास्ते के दूसरी ओर भागा. मेरे भागने के बाद सबसे पहले ट्रक में धमाका हुआ, उसके बाद धीरे-धीरे आस-पास की जितनी गाड़ियां थीं, सबमें आग लगती गई. मैं जैसे-तैसे निकल कर भागा. मेरे साथ कार में दो और लोग थे, दोनों घायल हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर है, उसकी पूरी बॉडी जल चुकी है, वो एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती हैं. दूसरे व्यक्ति का हाथ-पैर जला है, वो सीके बिरला हॉस्पिटल में एडमिट हैं.
"भगवान की दया से मैं समय से निकलकर भाग गया. अगर दो-तीन सेकंड भी देर होती तो मैं भी चपेट में आ जाता. जिस टैंकर में ब्लास्ट हुआ वो हमारे सामने हुआ. मुझे ये नहीं पता कि दूसरे ट्रक से टकराया या नहीं. मुझे ये भी नहीं पता कि दूसरे लोगों का क्या हुआ. मैं अपने दोनों घायल दोस्तों को संभालने में लग गया. एक भले इंसान ने हॉस्पिटल पहुंचने में हमारी मदद की."
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