Rajasthan News: राजस्थान में जयपुर के पॉश इलाकों में चोरी की बढ़ती वारदातों ने पुलिस की नींद उड़ा रखी थी. इस मामले की जांच में पुलिस के सामने चौकने वाला खुलासा हुआ. जिसमें पता चला कि यह कोई साधारण चोर नहीं बल्कि एक शातिर गैंग है. गिरोह के सदस्य रईस और चांद मियां दिन भर कबाड़ी बनकर गलियों में घूमते थे. इनका काम केवल कबाड़ इकट्ठा करना नहीं बल्कि उन सूने या निर्माणाधीन मकानों की पहचान करना था, जहां आसानी से हाथ साफ किया जा सके.
'टोपी वाला' सरगना और वारदात का तरीका
इस गैंग का मुख्य किरदार अबूबकर सिद्दीकी उर्फ फौदा है जिसे इलाके में 'टोपी वाले चोर' के नाम से जाना जाने लगा था. अबूबकर अपनी पहचान छुपाने के लिए हमेशा टोपी लगाकर वारदात करने निकलता था. रेकी के बाद यह गिरोह रात के अंधेरे में उन मकानों में घुसता और वहां लगे बिजली के महंगे तांबे के तार व एसी वायर काटकर फरार हो जाता था. चोरी के इस माल को ठिकाने लगाने में खालिद खान इनकी मदद करता था.
CCTV फुटेज से खुला राज
वैशाली नगर थानाधिकारी आरती तंवर के नेतृत्व में पुलिस ने जब इलाके के सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की तो एक संदिग्ध 'टोपी वाला' व्यक्ति बार-बार नजर आया. तकनीकी निगरानी और स्पेशल टीम की सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को धर दबोचा. पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में कटे और जले हुए तांबे के तार बरामद किए हैं.
पुलिस की अपील, सजग रहें नागरिक
पूछताछ में आरोपियों ने आधा दर्जन वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है. इनमें से एक आरोपी रिफ्यूजी कार्ड पर रह रहा था. पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने घरों के बाहर अच्छी गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे जरूर लगवाएं क्योंकि इसी तकनीक की मदद से इस शातिर गिरोह को पकड़ना मुमकिन हो पाया है.
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