Rajasthan News: राजस्थान के जैसलमेर में गुरुवार को प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया. जहां नगर विकास न्यास (UTI) ने खुहड़ी-बाड़मेर लिंक रोड पर स्थित 300 बीघा सरकारी भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया. इस भूमि की अनुमानित बाजार कीमत 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
4 जेसीबी और भारी पुलिस बल मौजूद
यूआईटी सचिव सुखराम पिंडेल के नेतृत्व में सुबह से ही कार्रवाई शुरू हो गई. मौके पर चार जेसीबी और छह ट्रैक्टरों के साथ भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया. अभियान के दौरान 100 से अधिक कच्चे मकानों, झोपड़ियों और बिना आबादी वाले पक्के निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया. प्रशासन का सख्त रुख देखते हुए अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया.
भविष्य में बनेगी आवासीय कॉलोनी
प्रशासन के अनुसार, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे कर कुछ लोग इसे छोटे-छोटे प्लॉट में बांटकर बेचने का गोरखधंधा कर रहे थे. सचिव सुखराम पिंडेल ने स्पष्ट किया कि इस जमीन पर भविष्य में शहर के लिए एक व्यवस्थित आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना है. उन्होंने चेतावनी दी कि इस अवैध धंधे में शामिल भू-माफियाओं की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पक्के मकानों को 2 दिन की मोहलत
कार्रवाई के दौरान उन पक्के मकानों को फिलहाल छोड़ दिया गया है जिनमें लोग अभी रह रहे हैं. प्रशासन ने निवासियों को अपना सामान समेटने और घर खाली करने के लिए दो दिन की मोहलत दी है. इसके बाद दूसरे चरण में शेष अतिक्रमण को भी पूरी तरह हटा दिया जाएगा.
स्थानीय लोगों का दर्द और विरोध
इस कार्रवाई के कारण वहां रह रहे परिवारों में हताशा और नाराजगी है. कई महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे आने से रोते नजर आए. कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई और अचानक हुई इस कार्रवाई से वे बेघर हो गए हैं. पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर भी कुछ निवासियों ने विरोध जताया. हालांकि, कोतवाली थाना प्रभारी सुरजाराम ने दावा किया कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई गई है.
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