
Jaisalmer & Carcassonne are twin city: क्या आपने कभी जुड़वां शहरों के बारे में सुना है? ऐसे शहर जिनकी बसावट एक जैसी हो. स्वर्णनगरी जैसलमेर और फ्रांस के ऐतिहासिक शहर कारकासोन के बीच ऐसा ही अनूठा नाता है. अब ये दोनों शहर विकास की राह पर भी साथ चलेंगे. इस संबंध में ज्वॉइंट सिटी एग्रीमेंट भी हुआ, जिसके तहत दोनों शहर संस्कृति, विरासत और विकास को साझा करेंगे. इस एमओयू पर कारकासोन के मेयर जेरार्ड लैरेट और जैसलमेर नगर परिषद आयुक्त लजपालसिंह सोढ़ा ने हस्ताक्षर किए. कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रतिनिधि के तौर पर जैसलमेर के पूर्व महारावल चैतन्यराजसिंह भी मौजूद रहे. इस एमओयू का उद्देश्य दोनों शहरों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए सतत विकास की दिशा में कदम बढ़ाना है.
पूर्व महारावल ने दी जानकारी
जैसलमेर के पूर्व महारावल चैतन्यराज सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि जैसलमेर और फ्रांस के ऐतिहासिक नगर कारकासोन के मध्य संस्कृति, विरासत और विकास को साझा करने के लिए ‘ट्विनिंग ऑफ सिटीज' अवधारणा के तहत महत्वपूर्ण समझौता हुआ.

इस दौरान दोनों शहरों का प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहा.
पिछले साल से चल रहा है मंथन
पिछले साल अक्टूबर में कारकासोन के उपमहापौर जॉन लुइस सहित प्रतिनिधि मंडल जैसलमेर पहुंचा था. यह दौरा पूर्व महारावल चैतन्यराजसिंह के आमंत्रण पर हुआ था, जहां दोनों शहरों के बीच नीतिगत हस्तांतरण को लेकर संवाद हुआ. उस समय भी 'यूनाइटेड नेशंस ट्यूनिंग एंड सिटीज' कांसेप्ट के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, किलों की सुरक्षा और मास्टर प्लान तैयार करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई थी.
800 ईसा पूर्व बसा था फ्रांस का यह शहर
अब इस एमओयू के तहत प्रयास किया जाएगा कि कारकासोन की तर्ज पर जैसलमेर में भी पर्यटन को बढ़ावा मिले. जैसलमेर की तरह ही कारकासोन भी यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है. यहां हर वर्ष करीब 40 लाख पर्यटक जाते हैं. करीब 800 ईसा पूर्व कार्सक बस्ती के रूप में बसा.
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