प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर संशय लगातार जारी है. मामला फिर हाईकोर्ट पहुंच गया है. पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने सरकार और राज्य चुनाव आयोग के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है. पूर्व विधायक ने कहा कि साल 2024 में ही प्रदेश में कई पंचायत और निकायों में सीट खाली हो गई है. लेकिन 'वन स्टेट वन इलेक्शन' की काल्पनिक बात को लेकर सरकार चुनाव टालती रही. अब यह ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का हवाला दे रहे हैं.
सरकार का काम चुनाव करवाना नहीं- मंत्री
लोढ़ा ने कहा कि 2022 में सुप्रीम कोर्ट के एक जजमेंट के मुताबिक पंचायत और निकायों की सीट वैकेंट नहीं रख सकते. इस मामले पर मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, "सरकार पूरी तरीके से चुनाव करवाने के लिए तैयार है. सरकार का काम चुनाव करवाना नहीं है, बल्कि उससे पहले की तैयारी करवाना है और हम तैयारी कर चुके हैं. हमारे विभाग की ओर से भी पूरी तैयारी कर दी गई है."
कांग्रेस ने समय रहते आयोग क्यों नहीं बनाया?
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अवमानना याचिका हाइकोर्ट में लगाई है. साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के मामले में फैसला दिया था कि ओबीसी वर्ग को अगर आरक्षण देना है तो किस तरीके से दिया जाए, इसको लेकर के रिपोर्ट बनाएं. उन्होंने कांग्रेस से सवाल पूछा था कि उसके लिए एक आयोग निर्धारित करना था, आपने समय रहते आयोग क्यों नहीं बनाया.
"चुनाव नियमानुसार निर्वाचन आयोग करवाएगा"
साथ ही जोगाराम पटेल ने कहा, "अब अगर कांग्रेस सार्वजनिक रूप से कह दे ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बिना और ओबीसी वर्ग को बिना उचित प्रतिनिधित्व दिए चुनाव करवा लिए जाएं. फिर इस पर भी विचार किया जा सकता है. फिलहाल ओबीसी आयोग की रिपोर्ट की प्रतीक्षा है. राज्य निर्वाचन आयोग नियम अनुसार चुनाव करवाएगा. सरकार चुनाव के लिए तैयार है."
15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत व निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे. साथ ही, 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने को कहा था. इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान भी शीर्ष कोर्ट ने 15 अप्रैल तक चुनाव कराने का निर्देश दोहराया था.
यह भी पढ़ेंः स्टेनोग्राफर भर्ती की मेरिट लिस्ट रद्द होगी, राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला