Rajasthan News: कोटा में बीते दिनों सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत मामले की जांच के बीच बड़ी बात सामने आई है. जांच के लिए कोलकाता भेजे गए 20 दवाओं में से एक ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन(बैच संख्या 1 - 7881) का एक सैंपल फेल पाया गया है. जानकारी के मुताबिक, जिस इंजेक्शन (Oxytocin Injection) का सैंपल फेल पाया गया, वे इंजेक्शन स्थानीय फर्म मेसर्स राजस्थान मेडिकल द्वारा मेडिकल कॉलेज और जेके लोन अस्पताल को बेचे गए थे. जांच में सैंपल मानक के अनुरूप न मिलने पर विभाग ने आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज और विभिन्न स्टोर से भारी मात्रा में इंजेक्शन को जब्त कर लिया. ड्रग कंट्रोल विभाग ने करीब 3500 इंजेक्शन जब्त किए हैं.
दोषी फर्म के खिलाफ केस करने की तैयारी
आशंका है कि जांच से पहले करीब 15,000 इंजेक्शन इस्तेमाल में लाए जा चुके हैं. ड्रग कंट्रोल विभाग दोषी फर्म के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, इस पूरे मामले पर अतिरिक्त ड्रग कंट्रोलर देवेंद्र गर्ग ने स्पष्ट किया कि इंजेक्शन का सैंपल अवमानक पाया गया है, लेकिन इस विशेष इंजेक्शन के कारण मौत होने की संभावना नहीं है. विभाग मामले की गहराई से जांच कर रहा है.
वहीं सुल्तानपुर डिस्पेंसरी में बिगड़ी तीन मरीजों की तबीयत मामले में भी ड्रग विभाग ने सैंपल कलेक्ट किए हैं. फिलहाल उसे दवा को फ्रीज कर दिया गया है. बता दें कि कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद करीब आधा दर्जन महिलाओं की मौत हो गई. अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के बाद कई डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई भी हुई.
महिलाओं की लगातार मौत के बाद कोटा पहुंची शासन सचिव
जब कोटा में मेडिकल कॉजेल अस्पताल में एक के बाद एक कई प्रसूताओं की मौत हुई, तो सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ खुद जयपुर से कोटा पहुंची और सख्त लहजे में चिकित्सा अधिकारियों को चेतावनी दी. प्रमुख शासन सचिव गायत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति बर्दाश्त नहीं होगी और निर्देश दिए कि अब ओटी (Operation Theatre) और आईसीयू का नियमित स्टरलाइजेशन अनिवार्य होगा. सर्जरी के समय वरिष्ठ सर्जन और संवेदनशील यूनिट्स में सीनियर डॉक्टर्स की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है.
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