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This Article is From Aug 11, 2024

Rajasthan: जैसलमेर में जिंदा एंटी लैंड माइन मिलने से हड़कंप, 2 सप्ताह में तीसरी बार सरहदी इलाके में मिला विस्फोटक

27 जुलाई को म्याजलार की इसी ढाणी में एक जिंदा एंटी लैंड माइन मिली थी. वहीं बीते गुरुवार को भी म्याजलार में ही एक जिंदा हैंड ग्रेनेट मिला था. इतना ही नहीं, इससे पहले भी कई बार इस तरह के विस्फोटक यहां मिलते रहे हैं.

Rajasthan: जैसलमेर में जिंदा एंटी लैंड माइन मिलने से हड़कंप, 2 सप्ताह में तीसरी बार सरहदी इलाके में मिला विस्फोटक

Rajasthan News: भारत-पाक इंटरनेशनल बॉर्डर पर बसे जैसलमेर (Jaisalmer) जिले के म्याजलार (Myajlar) गांव के समीप एक ढाणी में रविवार को एक बार फिर जिंदा एंटी-पर्सनल लैंडमाइन (Landmine) मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया. 2 सप्ताह में यह तीसरा मौका है जब इन दो सप्ताह में विस्फोटक मिले हैं. इससे पहले भी एक बार एंटी लैंड माइन व एक बार हैंड ग्रेनेड बम भी मिल चुका है.

यह एंटी पर्सनल लैंड माइन म्याजलार के कीरत सिंह की ढाणी में मिली है. इसकी सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और इस माइन को अपने कब्जे में लेकर बीएसएफ को सूचना दी. जिस पर बीएसएफ के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से लगभग 125 किलोमीटर दूर म्याजलार गांव के पास किरत सिंह की ढाणी में भारत-पाक बॉर्डर पास पशु चरवाहों ने एंटी-पर्सनल लैंडमाइन को देखा.

27 जुलाई को भी मिली थी एंटी लैंड माइन

27 जुलाई को म्याजलार की इसी ढाणी में एक जिंदा एंटी लैंड माइन मिली थी. वहीं बीते गुरुवार को भी म्याजलार में ही एक जिंदा हैंड ग्रेनेट मिला था. इतना ही नहीं, इससे पहले भी कई बार इस तरह के विस्फोटक यहां मिलते रहे हैं. एंटी-पर्सनल लैंड माइन का इस्तेमाल इंसानों के खिलाफ किया जाता है, जबकि एंटी-टैंक लैंड माइंस का इस्तेमाल भारी गाड़ियों के लिए किया जाता है. यह माइन घुसपैठियों और दुश्मन की पैदल सेना के खिलाफ रक्षा की पहली पंक्ति के रूप में काम करते हैं. वे आकार में छोटे होते हैं और बड़ी संख्या में तैनात किये जा सकते हैं. वे सीमाओं पर दुश्मन सैनिकों को मार गिराने के लिए जमीन में दबाए जाते हैं और जैसे ही दुश्मन देश का सैनिक इस पर पांव रखेगा तो ये धमाके के साथ फटता है और दुश्मन सैनिक के परखचे उड़ा देता है.

'हो सकता है युद्धाभ्यास के दौरान छूट गया'

सेना के सूत्रों के मुताबिक इस इलाके में सेना अक्सर युद्धाभ्यास करती रहती है. ऐसे में संभव है कि उसी समय यह एंटी लैंड माइन और हैंड ग्रेनेड यहां छूट गया होगा. उस समय रेत और मिट्टी से ढंक जाने की वजह से यह नहीं दिखा होगा, लेकिन बीते दिनों हुई बारिश की वजह से जब रेत और मिट्टी बह गया तो ये जमीन से बाहर आ गए होंगे.

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