शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के ग्वाला बनने और उनको 10 हजार रुपये दिए जाने बयान पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों की जो स्थिति है, उस अनुसार, वे सही चल रहे हैं. शिक्षा का जो ढर्रा बिगड़ा है, वह सबके सामने है. जूली ने कहा कि कल हाईकोर्ट ने जिस प्रकार से फटकार लगाई है, उसके बावजूद भी उस पर कोई जवाब नहीं देते.
"स्कूलों की इमारत जर्जर"
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 3 हजार 7 सौ 68 स्कूल जर्जर इमारतों में चल रहे हैं. एक बिल्डिंग के लिए एक भी रुपया मंजूर नहीं हुआ है. ग्वाला और बनाएंगे. अच्छी एजुकेशन देंगे नहीं तो फिर बच्चे क्या करेंगे? यही काम बच जाएगा उनका. घर के काम करेंगे.
"मुर्गी फार्म में चल रहे स्कूल"
जूली ने कहा कि मुर्गी फार्म में स्कूल चल रहे हैं. पहले साल में एजुकेशन की सारी पोस्ट भरने की बात कह रहे थे, अभी तक नहीं भरे गए. बच्चों को जबरदस्ती दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है. क्योंकि इनके पास जो है, वह किसी के पास नहीं हो सकती है. मंत्री जी सही लाइन पर चल रहे हैं.
"सरकार का कोई विजन नहीं"
उन्होंने कहा कि मोदी जी गैस से चाय बनाने का बहुत बड़ा आविष्कार कर चुके हैं. सबसे बड़ी आवश्यकता है, युवाओं को अच्छे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की. उस दिशा में सरकार का कोई विजन नहीं है. जूली ने कहा कि किसी को ग्वाला बना दो, किसी को गोबर बेचने में लगा दो, और किसी को चाय बनाने में लगा दो. बस यही पूरा मामला चल रहा है.
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