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Rajasthan: डॉक्टर की पर्ची के बिना दवाई बेचने वाले मेडिकल स्टोर पर गिरी गाज, 18 व्यवसायी को भेजा नोटिस

झालावाड़ में मेडिकल व्यवसाइयों ने बिना डाॅक्टर की पर्ची के ही नशीली दवाइयां बेच दी. सहायक औषधि नियंत्रक ने झालावाड़ जिले के 50 से अधिक मेडिकल स्टोर की जांच की तो मामले का खुलासा हुआ. 

Rajasthan: डॉक्टर की पर्ची के बिना दवाई बेचने वाले मेडिकल स्टोर पर गिरी गाज, 18 व्यवसायी को भेजा नोटिस

मेडिकल जांच में सामने आया कि एनडीपीएस श्रेणी की दवाओं को बिना डॉक्टर की पर्ची के ही बेच दी गई.  विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार विभाग को दर्द निवारक, खांसी और नींद जैसी एनडीपीएस मादक श्रेणी वाली दवाइयों के दुरुपयोग की जानकारी मिल रही थी. औषधि नियंत्रण विभाग ने विशेष अभियान चलाया.

डॉक्टर की पर्चें के बिना ही दवाइयां लोगों को दे दी

ड्रग इंस्पेक्टरों ने जांच की तो पता चलाकि झालावाड़ जिले में मेडिकल स्टोर संचालकों ने मादक दवाइयां बिना बिल के बेच दी है. कई मेडिकल स्टोर ने डॉक्टर की पर्चें के बिना ही दवाइयां लोगों को दे दी. इन मेडिकल स्टोर मालिकों को नोटिस जारी कर दिया गया है. संतोष जनक जवाब नहीं मिला तो कार्रवाई होगी.

झालावाड़ में 54 मेडिकल स्टोर में से 18 पर अनियमितता मिली

झालावाड़ बारां औषधि नियंत्रण विभाग के सहायक औषधि नियंत्रक उमेश मखीजा ने बताया कि मादक पदार्थ श्रेणी में आने वाली दवाइयों की अवैध बिक्री होने लगी थी. राज्य सरकार ने विशेष अभियान चलाया था. इसके तहत झालावाड़ में 54 मेडिकल स्टोर में से 18 पर अनियमितता मिली. 

ये हैं मादक पदार्थ निर्मित दवाइयां

दर्द निवारक ट्रोमाडोल टेबलेट.इंजेक्शन, खांसी में उपयोगी कोड़ीन युक्त सीरप, नींद में उपयोगी क्लोनाजेपाम टेक्लेट, अलाजोलाम सहित कई दवाइयां हैं जो एनडीपीएस ;मादक श्रेणी में आती हैं. यह दवाइयां डॉक्टर के लिखने पर ही मरीजों को दी जाती हैं, लेकिन अब लोग इसे नशे करने में उपयोग कर रहे हैं. मेडिकल से बिना पर्चे के दवाइयां आसानी से मिल जाती है.

16 दवाइयों के सैंपल लिए 

अभियान के दौरान झालावाड़ में 16 दवाइयों के सैंपल लेकर विभाग की लेबोरेट्री में जांच के लिए भेज दिए.उनकी रिपोर्ट आने पर तय मानकों के बारे में पता चला. बेची गई दवाइयों के बिल पेश नहीं किए तो कार्रवाई होगी. झालावाड़ में करीब 18 मेंडिकल स्टोर पर कमियां मिली हैं. इनको नोटिस जारी किए हैं. आगे मादक श्रेणी वाली दवाइयों को खरीदने और बेचने पर रोक लगाई जा सकती है.

दुकानों पर नहीं मिले फार्मासिस्ट

सहायक औषधि नियंत्रक उमेश मखीजा ने बताया कि झालावाड़ में जब ड्रग इंस्पेक्टरों ने मेडिकल स्टोर पर जांच की तो मेडिकल स्टोर संचालकों ने दवाइयों के खरीदने के बिल पेश किए, लेकिन उनको बेचने के बिल पेश नहीं किए। इसके अलावा कई दुकानों पर फार्मासिस्ट नहीं मिले. कई जगह बिना डॉक्टर के पर्चे पर दवाइयां देने की जानकारी मिली. अब आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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