बूंदी के गुड़ा गांव में पानी से खदान में डूबने से मां-बेटे की दर्दनाक मौत हो गई. पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई. सूचना पर ग्रामीण और डाबी पुलिस मौके पर पहुंची. काफी मशक्कत के बाद मां-बेटे को पानी से बाहर निकाला. दोनों को तुरंत कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम पसरा हुआ है. ग्रामीणों ने प्रशासन और खनन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बंद खदानों के चारो ओर सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की है.
कपड़े धुलने गई थी मां
शाहाबाद तहसील के सूरज भील परिवार सहित गुड़ा गांव में मजदूरी करता है. उसकी पत्नी सूनकी बाई (30) अपने 4 बच्चों के साथ गांव के पास स्थित बंद खदान पर कपड़े धोने गई थी. इसी दौरान उसका 4 वर्षीय बेटा सोनू खेलते-खेलते गहरे पानी की तरफ चला गया. पैर फिसलने से खदान में गिर पड़ा. मासूम बेटे को डूबता देख मां सूनकी बाई उसे बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद गई, लेकिन गहराई ज्यादा होने के कारण वह भी बाहर नहीं निकल सकी.
देखते ही देखते दोनों पानी में डूब गए. घटना को देख 8 वर्षीय बेटी घबराकर गांव पहुंची, और पिता सहित ग्रामीणों को सूचना दी.
ग्रामीणों ने जताया रोष
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई बंद खदानों में पानी भरा हुआ है. उनके चारो ओर न तो सुरक्षा दीवार बनाई गई है, और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं. लोगों ने बताया कि कई बार प्रशासन और खनन विभाग को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़ी खदानों को सुरक्षित कराया जाए, जिससे भविष्य में इस तरह के हादसे दोबारा न हों. वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
यह भी पढ़ें: त्रिवेंद्रम-दिल्ली राजधानी में आग से कोटा मंडल में 15 ट्रेनें प्रभावित, घर से निकलने से पहले देख लें लिस्ट