Rajasthan: भारत आदिवासी पार्टी के सांसद राजकुमार रोत ने ट्राइबल एरिया डेवलपमेंट के फंड का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से इस विभाग के पैसे का दुरुपयोग हो रहा है. रोत ने आदिवासी छात्रावासोंं का इस्तेमाल हिंदू विराट सम्मेलन के लिए करने का आरोप लगाते हुए कहा कि क्या सरकारी संसाधनों से एक धर्म और समाज विशेष के सम्मेलन करना कितना उचित है?
BAP सांसद राजकुमार रोत ने TAD के बजट का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं. रोत ने कहा कि साल 2024 का 1500 करोड़ रूपया बजट आया था, लेकिन वह खर्च नहीं हुआ और पूरा पैसा लैप्स हो गया. राजकुमार रोत ने कहा कि TAD विभाग के हालात तो ऐसे हैं कि छात्रावास में 40 करोड़ के काम करने की पहल तो हुई, लेकिन वह सब कुछ बिना टेंडर के किया गया. उन्होंने कहा कि यह गरीब बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है.
साल भर में इसमें कोई अनुसंधान नहीं हुआ
BAP सांसद राजकुमार रोत ने TAD विभाग के कमिश्नर के फर्जी दस्तखत करके काम कराने के आरोप लगाए. रोत ने कहा कि सरकार से सवाल पूछा गया तो मंत्री ने कहा कि FIR करा दी गई है, लेकिन साल भर में इसमें कोई अनुसंधान नहीं हुआ. राजकुमार रोत ने टी ए डी विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने के आरोप लगाते हुए कहा कि, कुछ दलाल लोग ही TAD विभाग को चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर यह लोग कमिश्नर के फर्जी दस्तखत कर सकते हैं, तो मंत्री के भी फर्जी साइन हो जाएं इसमें कोई बड़ी बात नहीं.
हॉस्टल्स को तो भाजपा के कार्यकर्ताओं का अड्डा बना दिया
रोत ने कहा कि TAD के हॉस्टल में आदिवासी समाज के हजारों बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन इन हॉस्टल्स को तो भाजपा के कार्यकर्ताओं का अड्डा बना दिया है. राजकुमार रोत ने कहा कि आरएसएस के ठिकाने के रूप में यहां काम हो रहा है सिरोही में तो छात्रावास अधीक्षक RSS के प्रचारक के रूप में काम करते हैं.
सामग्री से हिंदू विराट सम्मेलन कराया जा रहा है
सांसद ने कहा कि सम्मेलन के आयोजन के लिए हॉस्टल की छुट्टी कर दी जा रही है और हॉस्टल के बच्चों के लिए जो सामग्री आ रही है, उस सामग्री से हिंदू विराट सम्मेलन कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि छात्रावास के अधीक्षक भी बच्चों पर ध्यान देने की बजाय, इन सम्मेलनों का आयोजन करने में जुट गए हैं.
इसके साथ ही सांसद राजकुमार रोत ने काश्तकारी अधिनियम में बदलाव पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मूल अधिनियम 1995 कि धारा 42–बी में राहत दी गई थी, लेकिन अब इसमें बदलाव करके जमीन अधिग्रहण करने की रफ्तार बढ़ा दी है. सांसद राजकुमार ने लैंड कन्वर्शन एक्ट के दुरुपयोग के भी आरोप लगाते हुए इसमें सुधार की मांग रखी.