विज्ञापन

राजस्थान से बाहर देश के इन नामी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा; जानिए किस राज्य में कौनसा हॉस्पिटल शामिल

अब 19 दिसम्बर से इस योजना में आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है. इसके तहत, राजस्थान से बाहर भी लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी.

राजस्थान से बाहर देश के इन नामी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा; जानिए किस राज्य में कौनसा हॉस्पिटल शामिल

Rajasthan Health scheme: राजस्थान में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब तक 7100 करोड़ रुपए का कैशलेस इलाज हो चुका है. जबकि दूसरे राज्यों में 15 दिन में लगभग 350 रोगियों ने उपचार लिया. पिछले 2 साल में योजना के तहत 37 लाख से अधिक मरीजों को 7100 करोड़ रुपए से अधिक का निःशुल्क उपचार दिया जा चुका है. इनमें ढाई लाख ऐसी गंभीर रोगी शामिल हैं, जो जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे थे. वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. योजना में करीब 2200 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य रोगों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग, अंग प्रत्यारोपण जैसी गंभीर और खर्चीली बीमारियों का इलाज शामिल है. वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ऐलान के बाद, योजना में देश के 30 हजार से अधिक अस्पतालों का बड़ा नेटवर्क शामिल हो गया था. इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के नामी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा.

19 दिसंबर से इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू

करीब 6 महीने राज्य सरकार ने इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी भी लागू की थी. इसके पहले चरण में इन बाउण्ड पोर्टेबिलिटी के तहत दूसरे राज्यों के नागरिकों को राजस्थान में इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाई गई थी. अब 19 दिसम्बर से इस योजना में आउट बाउण्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है. इससे प्रदेश के नागरिकों को देश के अन्य राज्यों में निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल सकेगी.

गुजरात-दिल्ली समेत अन्य राज्यों में मिलेगी सुविधा

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया, "अब तक गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कई मरीजों को मजबूरी में गुजरात, दिल्ली जैसे अन्य राज्यों में जाकर इलाज कराना पड़ता था. इससे उनकी अपनी जेब पर भारी बोझ पड़ता था. इस पीड़ा को समझते हुए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और जनहितकारी निर्णय लेते हुए आउटबाउंड पोर्टिबिलिटी को लागू कर दिया है. इस नई व्यवस्था के तहत अब राजस्थान के पात्र परिवार प्रदेश के बाहर भी एम्पैनल्ड अस्पतालों में कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकेंगे." 

इन हॉस्पिटल में मिलेगा इलाज

देश के विभिन्न राज्यों (तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर) में स्थित लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलेगी. इसमें पड़ोसी राज्यों के प्रमुख अस्पताल भी शामिल हैं. दिल्ली के 184, गुजरात के 2067, हरियाणा के 1366, मध्य प्रदेश के 1622, महाराष्ट्र के 1709, पंजाब के 823 और उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल इस योजना में सूचीबद्ध हैं. इसमें दिल्ली व भोपाल में एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनऊ का केजीएमयू, गुजरात के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एण्ड रिसर्च सेंटर, द गुजरात कैंसर एण्ड रिसर्च सेंटर समेत कई नामी अस्पताल शामिल हैं.

स्कीम से जुड़े 1.36 करोड़ परिवार 

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना प्रदेश के करोड़ों परिवारों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है. आउट बाउण्ड पोर्टिबिलिटी के तहत अब तक लगभग 350 रोगियों ने उपचार प्राप्त कर लिया है. यह योजना आज न केवल प्रदेश के भीतर, बल्कि प्रदेश की सीमाओं के बाहर भी निःशुल्क और कैशलेस इलाज की गारंटी बन चुकी है. 

यह भी पढ़ेंः भयकंर ठंड की चपेट में राजस्थान, कई इलाकों में शीतलहर का कहर जारी; 5 डिग्री तक गिर सकता है पारा

Rajasthan.NDTV.in पर राजस्थान की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार, लाइफ़स्टाइल टिप्स हों, या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें, सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close