Kota News: कोचिंग नगरी के नाम से मशहूर राजस्थान के कोटा शहर में शनिवार, 7 फरवरी को एक रेस्टोरेंट की इमारत गिरने से मारे गए पश्चिम बंगाल के एक कोचिंग छात्र का शव आज पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया. अनारण्य कर्माकर नाम के इस छात्र के परिजन आज कोटा पहुंचे जहां कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम किया गया. इस हादसे में छात्र की मां भी गंभीर रूप से घायल हो गईं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. कोटा रेस्टोरेंट हादसे में कोचिंग छात्र के अलावा लक्ष्मण नाम के 15 साल के एक बच्चे की भी मौत हो गई जो मलबे की चपेट में आ गया था.
'हमारा पूरा परिवार बर्बाद हो गया'
कोटा में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मोर्चरी पहुंचे छात्र का परिवार इस हादसे से सदमे में है. उन्होंने बताया कि अनारण्य पिछले 2 साल से कोटा में रहकर इंजीनियरिंग कॉलेज की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था. छात्र के पिता अभिजीत कर्माकर ने हादसे में अपने बेटे को खोने के बाद सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों को सजा दी जानी चाहिए ताकि ऐसे हादसे दोबारा ना हों.
मृतक छात्र की बहन अद्रिका कर्मकार ने बताया कि इस हादसे से उनका पूरा परिवार बर्बाद हो गया है. उन्होंने कहा, "हमलोग कोटा में छात्रों के सुसाइड की घटनाओं के बारे में सुनते थे, इसलिए मेरे माता-पिता अक्सर यहां आकर उसके साथ रहते थे ताकि उसे कोई परेशानी ना हो."

छात्र के साथ घायल उसकी मां का एक निजी हॉस्पिटल में इलाज हो रहा है
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अस्पताल में भर्ती है छात्र की मां
छात्र के परिजनों ने यह भी बताया कि हादसे वाली शाम को छात्र अपनी मां सुदीप्ता कर्मकार के साथ बाजार गया था. वो दोनों लैपटॉप रेंट पर लेने के लिए गए थे, लेकिन दुकान वाले ने उन्हें आधे घंटे बाद आने के लिए कहा. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसके बाद मां-बेटा हादसे वाली जगह कैसे पहुंच गए. ऐसी उम्मीद है कि मां के बोलने की स्थिति में आने के बाद और बातें सामने आ सकेंगी.
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