Rajasthan News: राजस्थान के जयपुर में नीरजा मोदी स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पहले ही कक्षा नौ से बारह तक की मान्यता रद्द कर दी. अब कक्षा एक से आठ तक की मान्यता भी खतरे में है. अभिभावक राज्य सरकार और पुलिस से आगे की कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं. यह मामला स्कूल में हुई एक दुखद घटना से जुड़ा है जहां छात्रों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं.
जांच रिपोर्ट ने खोली स्कूल की पोल
राजस्थान सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के लिए शिक्षा विभाग की एक टीम बनाई थी. टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट में स्कूल भवन में बड़ी सुरक्षा कमियां सामने आईं. पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे नहीं थे और शिक्षकों तथा स्टाफ की लापरवाही भी प्रमुख कारण बताई गई.
इन खुलासों के बाद शिक्षा विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए कमर कस ली है. राज्य शिक्षा विभाग जो कक्षा एक से आठ तक की मान्यता देखता है उसने स्कूल को नोटिस भेजा है. स्कूल प्रबंधन को छह जनवरी को विभाग के सामने हाजिर होकर अपना पक्ष रखना होगा. उसके बाद ही अंतिम फैसला होगा. सूत्र बताते हैं कि सरकार इस मामले में कोई ढील नहीं देगी और बड़ा प्रशासनिक कदम उठा सकती है.
पुलिस की जांच में नए खुलासे की उम्मीद
पुलिस भी इस मामले को गंभीरता से ले रही है. स्कूल स्टाफ और कुछ छात्रों के बयान दर्ज हो चुके हैं. सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट से घटना की सच्चाई पता लगाने की कोशिश हो रही है. जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलना तय है. पुलिस का मानना है कि लापरवाही से हुई यह घटना रोकने योग्य थी.
पीड़ित परिवार की मांग, पूरी सजा हो
पीड़ित छात्रा अमायरा के पिता ने सीबीएसई की कार्रवाई पर खुशी जताई लेकिन इसे आधा-अधूरा बताया. उन्होंने कहा कि अगर कक्षा नौ से बारह तक की मान्यता रद्द हो सकती है तो कक्षा एक से आठ तक की क्यों नहीं. साथ ही दोषी शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन पर सख्त आपराधिक कार्रवाई की मांग की. परिवार का कहना है कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है.