Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में ईद के दिन सड़क पर नमाज़ पढ़ने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. ईद के एक दिन पहले विश्व हिन्दू परिषद ने यह मुद्दा उठाया. वहीं प्रवक्ता अमितोष पारीक ने कहा कि सड़क पर नमाज़ पढ़ने से यातायात बाधित रहता है. इस बीच सरकार की तरफ से कोई औपचारिक आदेश तो नहीं आया, लेकिन जयपुर समेत कई जगहों से सड़क पर नमाज़ पढ़ने की तस्वीरें सामने आईं. इसके बाद गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि "सड़क पर नमाज़ कतई जायज़ नहीं है. हर किसी को अपनी पद्धति के मुताबिक आराधना और इबादत करने का हक है, लेकिन रास्ता बंद नहीं होना चाहिए. इससे लोगों को असुविधा होती है. सरकार भविष्य में ज़रूरत पड़ने पर इस बारे में कदम उठाने को लेकर विचार कर सकती है."
मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने किया कड़ा विरोध
कांग्रेस विधायक रफीक खान के घर ईद के मौके पर पहुंचे कांग्रेस के पूर्व विधायक और प्रवक्ता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, "ये देश में मुद्दा ही नहीं है. लोगों को रोटी चाहिए, गैस सिलेंडर चाहिए, गर्मी में पानी चाहिए. सड़क पर तो सब बैठते हैं. चाहे ईद हो या होली या दिवाली, सड़क सबके लिए है और लोगों के लिए ये मुद्दा नहीं है. भाजपा इससे मुद्दा बना रही है."
लेकिन क्या राजस्थान सरकार आने वाले दिनों में यूपी का मॉडल लागू कर सकती है? गृह राज्य मंत्री के बयान ने ये संकेत ज़रूर दे दिए हैं.
साथ ही विधायक रफीक खान ने कहा, "जब राम नवमी का जुलूस निकलता है तो जयपुर में उस पर पुष्प वर्षा होती है. दूसरे मज़हब के लोग उसका स्वागत करते हैं. इसी तरह ईद भी सब मिलकर मनाते हैं. ये जयपुर की गंगा-जमुनी तहज़ीब है और भेदभाव की राजनीति नहीं होनी चाहिए."
ईदगाह के अंदर केवल लगभग 5,000 लोगों के बैठने की क्षमता
जयपुर में हर साल ईदगाह और जामा मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में लोग नमाज़ अदा करने के लिए जुटते हैं. सुबह 8 बजे ईदगाह में होने वाली नमाज़ में करीब एक लाख लोग शामिल होते हैं, जबकि ईदगाह के अंदर केवल लगभग 5,000 लोगों के बैठने की क्षमता है. ऐसे में बड़ी संख्या में लोग जयपुर-दिल्ली हाईवे और शहर के दोनों ओर नमाज़ अदा करते हैं.
मुस्लिम समुदाय का कहना है कि लोग वर्षों से इसी तरह नमाज़ पढ़ते आ रहे हैं. ईदगाह कमेटी के सदस्य नईम खान ने विरोध को गलत और भेदभावपूर्ण बताया. उनका कहना है कि हर कोई मस्जिद के अंदर नमाज़ पढ़ना चाहता है, लेकिन जगह कम होने की वजह से लोगों को मजबूरी में सड़क पर नमाज़ अदा करनी पड़ती है. उन्होंने प्रशासन से पारंपरिक तरीके से व्यवस्थाएं बनाए रखने की अपील की.
ऐसे में बड़ी संख्या में लोग जयपुर-दिल्ली हाईवे और शहर के दोनों ओर नमाज़ अदा करते हैं. इसके चलते सुबह के शुरुआती घंटों में ईदगाह और मस्जिदों के आसपास के कई रास्तों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया जाता है और ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाता है.
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