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दौसा में डिलीवरी से पहले प्रसूता की मौत पर भारी बवाल, पति बोला- 'इंजेक्शन लगाते ही मुंह से आने लगे झाग'

दौसा के रामकरण जोशी अस्पताल में डिलीवरी से पहले प्रसूता की मौत के बाद हड़कंप मच गया है. परिजनों ने गलत इंजेक्शन और लापरवाही के आरोप लगाए हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को नकारा है. जानें क्या है पूरा मामला.

दौसा में डिलीवरी से पहले प्रसूता की मौत पर भारी बवाल, पति बोला- 'इंजेक्शन लगाते ही मुंह से आने लगे झाग'
कोटा के बाद अब दौसा के सरकारी अस्पताल पर इलाज के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं.
NDTV Reporter

Dausa News: कोटा के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि दौसा के रामकरण जोशी जिला अस्पताल से शनिवार को 9 महीने की गर्भवती महिला की प्रसव से पहले मौत की खबर आ गई. इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए.

'तड़प रही थी पत्नी, डॉक्टर बोले सब ठीक है'

मृतका के पति ने अस्पताल प्रशासन पर संगीन आरोप लगाते हुए कहा, 'मेरी पत्नी को 7 मई को भर्ती कराया गया था. उसके लगातार ड्रिप चल रही थी. शुक्रवार शाम जब उसकी तबीयत बिगड़ी, तो हमने बार-बार रेफर करने की मिन्नतें कीं, लेकिन डॉक्टरों ने अनसुना कर दिया. वो कहते रहे कि स्थिति सामान्य है.'

'इंजेक्शन लगने के बाद मुंह से आने लगे झाग'

पीड़ित परिवार का सबसे बड़ा आरोप 'गलत इंजेक्शन' को लेकर है. पति के मुताबिक, एक इंजेक्शन लगाने के तुरंत बाद महिला के मुंह से झाग आने लगे और उसकी आंखों से आंसू गिरने लगे. इसके बाद गंभीर स्थिति में महिला को रेफर किया गया, लेकिन दूसरे अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई.

अस्पताल प्रशासन की सफाई: 'मरीज को पड़ा था दौरा'

मामले में अस्पताल की मातृ एवं शिशु इकाई के प्रभारी डॉ. रविंद्र शर्मा ने अपनी सफाई दी है. उन्होंने लापरवाही के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा, 'महिला एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रही थी. उसे ब्लड भी चढ़ाया गया था. संभवतः उसे अचानक दौरा पड़ा या उल्टी सांस की नली में फंस गई, जिससे उसकी स्थिति बिगड़ गई. हमने उसे बचाने की पूरी कोशिश की.'

मेडिकल बोर्ड करेगा पोस्टमार्टम

इंचार्ज ने बताया कि 8 मई को जिला अस्पताल में कुल 25 डिलीवरी हुई थीं, जिनमें रात के समय 10 प्रसूताओं की सफल डिलीवरी करवाई गई थी. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. 

पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए मनाया

बता दें कि पहले मृतका के परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं थे. लेकिन डीएसपी धर्मेंद्र शर्मा और उनकी टीम के समझाने पर वे पोस्टमार्टम कराने के लिए मान गए. पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई पूरी कर ली गई है और अब पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

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