राजस्थान के जालोर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां पर आहोर राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में शव सौंपने से पहले कथित तौर परिजनों से 2000 रुपये मांगे जाने का आरोप लगा है. जानकारी के अनुसार, रुपये मांगने का आरोप मोर्चरी कर्मचारी पर है. घटना का कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है.
ट्रेन में तबीयत खराब होने के बाद हुई मौत
पीड़ित शेषाराम प्रजापत ने बताया कि 23 जनवरी 2026 को उनके रिश्तेदार भंवरलाल पुत्र भैराराम प्रजापत और पप्पूराम पुत्र भैराराम प्रजापत गोवा जा रहे थे. रास्ते में बड़ौदा के पास भंवरलाल की अचानक तबीयत बिगड़ गई. सूरत पहुंचते-पहुंचते उनकी हालत गंभीर हो गई और वे बोलने में भी असमर्थ हो गए. ट्रेन में ही स्थिति बिगड़ने पर टीटी और यात्रियों की मदद से उन्हें उतारकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
इसके बाद शव को कुछ समय के लिए अस्पताल की मोर्चरी रखवा दिया गया है. जब मृतक के परिजन 25 जनवरी की रात करीब 10:30 बजे शव लेकर आहोर राजकीय अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे तो वहां तैनात कर्मचारी रमेश कुमार ने सबसे पहले एंबुलेंस को लेकर विवाद खड़ा किया और कहा, "यहां वही एंबुलेंस आएगी जो मैं कहूंगा." परिजनों का दावा है कि इसी दौरान शव सौंपने से पहले मोर्चरी कर्मचारी द्वारा कथित रूप से 2000 रुपये की मांग की गई. मना करने पर कर्मचारी द्वारा अभद्र भाषा में बात करने और दबाव बनाने का भी आरोप है.
परिजनों से मोर्चरी के कर्मचारी ने मांगे पैसे
परिजनों का कहना है कि अपनों को खोने के गहरे सदमे के बीच उनसे पैसों की मांग कर न सिर्फ उनका अपमान किया गया, बल्कि अस्पताल की संवेदनहीन और अमानवीय सोच भी उजागर हुई. मजबूरी में परिजन शव लेकर गांव रवाना हुए. पीड़ितों ने आरोप लगाया कि मोर्चरी कर्मचारी ने कहा, "शव उठाना है तो दो हजार रुपए दो, तुम्हारे बाप का थोड़ी है." परिजनों का कहना है कि उन्होंने विधायक से बात करने की बात कही, नगर पालिका प्रशासक सूजाराम प्रजापत से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों ने साफ कह दिया कि हम किसी से बात नहीं करेंगे, हम किसी के नौकर नहीं हैं.
मामले पर अस्पताल में प्रभारी डॉ. पुरण मल मुनोत ने कहा कि मुझे इस घटना की जानकारी वीडियो के माध्यम से मिली है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी. घटना के बाद आहोर सहित पूरे क्षेत्र में गहरा रोष व्याप्त है. लोगों का कहना है कि अस्पताल सेवा और संवेदना का केंद्र होना चाहिए, लेकिन अगर शव सौंपने के नाम पर भी रिश्वत मांगी जाए, तो यह पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. पीड़ित योगालाल प्रजापत ने बताया कि हमारे साथ-साथ और भी कई गरीब परिवारों के साथ ऐसा हो चुका है. सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि आगे किसी के साथ ऐसा अन्याय न हो.
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