नसीराबाद (अजमेर) में बीजेपी नेता की गिरफ्तारी के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. पुलिस की कार्रवाई से बीजेपी खेमे में अटकलें भी लगाई जा रही है. नसीराबाद भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय यादव की गिरफ्तारी का यह मामला तूल पकड़ने के बाद बीजेपी नेतृत्व तक भी पहुंच चुका है. मामला अजमेर परिवहन विभाग में एसीबी की कार्रवाई से जुड़ा है. बिजयनगर में परिवहन इंस्पेक्टर जल सिंह की गिरफ्तारी हुई थी. सूत्र बताते हैं कि संजय यादव का जल सिंह से लंबे समय से संपर्क रहा है, जिसकी जांच की जा रही है. वहीं, एसीबी के पास कॉल डिटेल रिपोर्ट में कई दलालों से बातचीत और लेनदेन से जुड़े पुख्ता सबूत की भी संभावना जताई जा रही है. अलग-अलग ठिकानों पर की गई कार्रवाई के प्रमाण भी जांच एजेंसी के पास मौजूद हैं.
6 आरोपी कस्टडी में, 4 रिमांड पर
एसीबी ने अजमेर हाईवे, आरटीओ के निकटवर्ती गांव घूघरा बूढ़ाबाय सहित आसपास के अन्य गांवों में दलालों की धरपकड़ के लिए सर्च अभियान चलाया था. कार्रवाई की भनक लगते ही कुछ दलाल अजमेर से फरार हो गए और कई ने अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिए. अब तक की कार्रवाई में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 6 को कस्टडी में भेजा गया है और 4 आरोपी एसीबी की डिमांड पर है.
बीजेपी नेतृत्व को लेना है फैसला
इस घटनाक्रम ने संगठन के भीतर भी असहजता पैदा कर दी है. वहीं, भाजपा देहात अध्यक्ष जीतमल प्रजापत ने कहा कि फिलहाल संजय यादव पुलिस कस्टडी में हैं और चालान पेश होने के बाद ही स्थिति पर कुछ कहा जा सकेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण से भाजपा प्रदेश नेतृत्व को अवगत करा दिया गया है और जैसे ही प्रदेश स्तर से कोई निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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