पश्चिमी राजस्थान में नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगातार नकेल कस रहे एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. टीम ने हैदराबाद से लाए जा रहे केमिकल से भरे टैंकर को रामजी की गोल इलाके में पकड़ लिया. टैंकर में छिपाकर लाए गए 6 ड्रमों में 234 किलो 2-ब्रोमो-4-मेथाइलप्रोपियोफेनोन केमिकल जब्त किया गया है, जिससे करीब 60 किलो एमडी तैयार की जा सकती थी. इसकी अनुमानित बाजार कीमत करोड़ो रुपये बताई जा रही है.
स्थानीय ट्रांसपोर्ट एजेंसी से ली डिटेल
आईजी विकास कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले हैदराबाद से सूचना मिली थी कि एक टैंकर में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित केमिकल राजस्थान की ओर भेजा जा रहा है. एएनटीएफ टीम ने हैदराबाद से 1500 किलोमीटर दूर तक ट्रक की लोकेशन ट्रेस की. स्थानीय ट्रांसपोर्ट एजेंसी से ट्रक नंबर और ड्राइवर की डिटेल ली गई. मुखबिर की मदद से पूरे रूट पर नजर रखी गई. टैंकर हैदराबाद, नांदेड़, जलगांव, धुले, वड़ोदरा, अहमदाबाद, पालनपुर, सांचौर होते हुए गुड़ामालानी थाना क्षेत्र के रामजी की गोल पहुंचा. महादेव होटल के पास टैंकर रुकते ही टीम ने छापा मारा.
6 ड्रमों में छिपाकर रखा था ब्रोमो केमिकल
टैंकर की तलाशी में 6 ड्रमों में 12 पैकेट्स में छिपाकर रखा 234 किलो ब्रोमो केमिकल बरामद हुआ. इस केमिकल से एमडी बनाने की योजना थी. गुड़ामालानी इलाके में एमडी फैक्ट्री लगाने की तैयारी चल रही थी. ANTF ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. दोनों बाड़मेर जिले के निवासी हैं जिसमे दिनेश पुत्र भागीरथ रोहिल्ला, पुलिस थाना सेडवा कमलेश पुत्र सदाराम, हिरकन का थान मीठड़ा खुर्द धोरीमन्ना के रहने वाले हैं.
शुरू में एक ही ड्राइवर टैंकर लेकर चल रहा था. पकड़े जाने के डर से जलगांव महाराष्ट्र से कमलेश को बीच में शामिल कर लिया गया. तस्करों ने राजस्थान के प्रवासी लोगों के जरिए हैदराबाद से कच्चा माल मंगवाया था. बाद में फैक्ट्री का ठिकाना बदलकर तेलंगाना शिफ्ट करने की भी योजना बन रही थी. आईजी विकास कुमार ने कहा कि 2-ब्रोमो-4-मेथाइलप्रोपियोफेनोन एमडी जैसी सिंथेटिक ड्रग्स बनाने का अहम केमिकल है जो भारत में प्रतिबंधित है. एक किलो एमडी बाजार में 30 लाख रुपये से ज्यादा कीमत पर बिकती है.
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